आर्केड स्टिक टेस्ट: फ़ाइट स्टिक के लीवर, बटन और SOCD की जाँच
इस मुफ़्त आर्केड स्टिक टेस्ट से आप कुछ ही मिनटों में देख सकते हैं कि आपकी फ़ाइट स्टिक हर दिशा, हर तिरछी दिशा और हर बटन का दबाव PC तक साफ़ पहुँचा रही है या नहीं। लीवर घुमाइए, एक्शन बटन एक एक करके और एक साथ दबाइए, और तुरंत देखिए कि कोई माइक्रोस्विच बीच बीच में चूकता है, कोई तिरछी दिशा गायब है या आपकी स्टिक एक साथ दबाई गई उल्टी दिशाओं को कैसे संभालती है। टेस्टर सीधे ब्राउज़र में Gamepad API से चलता है, कोई इंस्टॉल या अकाउंट नहीं चाहिए, और हर इनपुट आपके ही डिवाइस पर रहता है। नीचे हम समझाते हैं कि माइक्रोस्विच कैसे काम करते हैं, D-pad और स्टिक मोड का क्या मतलब है और टूर्नामेंट में SOCD सेटिंग क्यों मायने रखती है।
अपना कंट्रोलर USB या Bluetooth से जोड़ें, फिर कोई भी बटन दबाएँ
कंट्रोलर नहीं दिख रहा?
- Gamepad API के सबसे अच्छे सपोर्ट के लिए Google Chrome, Microsoft Edge, Brave या Opera इस्तेमाल करें।
- यह पेज खोलने के बाद कोई भी बटन दबाएँ या स्टिक हिलाएँ, ताकि ब्राउज़र गेमपैड को चालू कर सके।
- Firefox में जुड़े हुए कंट्रोलर टैब को तभी दिखते हैं जब आप एक बार कोई बटन दबाते हैं।
- macOS और iOS 16+ पर Bluetooth सेटिंग्स में देखें कि आपका कंट्रोलर पेयर हुआ है या नहीं।
मोशन, टचपैड और बैटरी (PS4 / PS5)
WebHID मोड Sony DualShock 4, DualSense और DualSense Edge को सपोर्ट करता है।
आर्केड स्टिक टेस्ट पाँच स्टेप में
- स्टिक को PC मोड में जोड़ें: फ़ाइट स्टिक की USB केबल सीधे PC में लगाइए। अगर स्टिक पर PlayStation, Xbox और PC के लिए मोड स्विच है, तो PC या XInput वाला मोड चुनिए, जो आपके मॉडल के मैनुअल में बताया गया हो।
- एक बटन दबाकर पहचान करवाएँ: कोई भी एक्शन बटन दबाइए ताकि ब्राउज़र स्टिक को पेज के सामने लाए। टेस्टर में डिवाइस का नाम और बटन का नक्शा दिखने लगेगा।
- लीवर की आठों दिशाएँ जाँचें: लीवर को धीरे धीरे ऊपर, नीचे, बाएँ और दाएँ ले जाइए, फिर चारों तिरछी दिशाओं में। हर बार सही दिशा चालू होनी चाहिए और लीवर छोड़ते ही सब बंद हो जाना चाहिए।
- हर बटन अलग और एक साथ दबाएँ: हर एक्शन बटन, Start, Select और बाकी बटन एक एक करके दबाइए, फिर दो तीन बटन एक साथ। हर दबाव ठीक एक बार दर्ज होना चाहिए और कोई बटन दूसरे को नहीं रोकना चाहिए।
- उल्टी दिशाएँ एक साथ दबाकर SOCD देखें: अगर आपकी स्टिक बटन वाली है या उसमें SOCD सेटिंग है, तो बाएँ और दाएँ एक साथ दबाइए, फिर ऊपर और नीचे। टेस्टर दिखाएगा कि नतीजा बीच की हालत है, आख़िरी दबाई गई दिशा है या कुछ और।
आर्केड स्टिक टेस्ट के नतीजे: लक्षण, सही स्थिति और हल
फ़ाइट स्टिक में लगभग हर इनपुट एक डिजिटल स्विच है, यानी या तो चालू या बंद। इसलिए गड़बड़ी आम तौर पर साफ़ दिखती है, बस उसे पहचानना आना चाहिए। नीचे की टेबल आम लक्षणों से वजह और पहले कदम तक ले जाती है।
| लक्षण | सही स्थिति | संभावित वजह | पहला कदम |
|---|---|---|---|
| कोई दिशा कभी कभी ही चालू होती है | हर हरकत पर दिशा साफ़ दर्ज हो | घिसा माइक्रोस्विच या ढीला कनेक्टर | स्विच की तार जाँचें, माइक्रोस्विच बदलें |
| तिरछी दिशाएँ नहीं पहचानी जातीं | तिरछी दिशा में दो दिशाएँ एक साथ चालू | लीवर कोने तक नहीं पहुँचता या गेट रोकता है | लीवर को कोने तक ले जाएँ, गेट देखें |
| लीवर D-pad के बजाय स्टिक एक्सिस पर दिखता है | दिशाएँ D-pad के बटन के रूप में | मोड स्विच बाएँ या दाएँ स्टिक पर है | मोड स्विच को D-pad पर करें |
| एक दबाव पर बटन दो बार दर्ज | एक दबाव पर एक इनपुट | घिसा बटन स्विच या खराब संपर्क | बटन बदलें, कनेक्टर दबाकर बैठाएँ |
| बाएँ और दाएँ एक साथ बीच की हालत देते हैं | SOCD सेटिंग पर निर्भर | SOCD सेटिंग बीच वाले मोड में है | टूर्नामेंट नियमों से सेटिंग मिलाएँ |
| स्टिक बिल्कुल नहीं दिखती | बटन दबाने पर डिवाइस दिखे | गलत प्लेटफ़ॉर्म मोड या खराब केबल | PC मोड चुनें, दूसरी केबल और पोर्ट आज़माएँ |
आर्केड स्टिक टेस्ट किस काम आता है
फ़ाइटिंग गेम में एक फ़्रेम की चूक भी मैच बदल सकती है। अगर लीवर को नीचे से आगे की ओर घुमाते समय बीच की तिरछी दिशा दर्ज न हो, तो स्पेशल मूव निकलता ही नहीं, और खिलाड़ी को लगता है कि उसके हाथ की गलती है। अक्सर असली वजह स्टिक का कोई स्विच या उसकी सेटिंग होती है।
आर्केड स्टिक टेस्ट आपको हर इनपुट को अलग से देखने देता है। आप देख पाते हैं कि लीवर की हर दिशा पहुँच रही है, तिरछी दिशाओं में दोनों स्विच एक साथ चालू होते हैं और हर बटन ठीक एक बार दर्ज होता है। गेम के ट्रेनिंग मोड में यह सब देखना मुश्किल है, क्योंकि वहाँ इनपुट पहले से गेम के नियमों से गुज़र चुके होते हैं।
नई स्टिक खरीदने के बाद, बटन या लीवर बदलने के बाद, या टूर्नामेंट से पहले यह जाँच बहुत काम की है। कुछ मिनटों में आप पक्का कर लेते हैं कि हार्डवेयर पूरी तरह तैयार है, और मैच के बीच किसी अनचाहे झटके की गुंजाइश कम हो जाती है।
लीवर के अंदर माइक्रोस्विच: दिशा का सिग्नल कैसे बनता है
ज़्यादातर फ़ाइट स्टिक के लीवर में चार छोटे माइक्रोस्विच होते हैं, हर दिशा के लिए एक। लीवर के नीचे का हिस्सा जब किसी दिशा में झुकता है, तो वह उस तरफ़ के स्विच को दबाता है और एक हल्की क्लिक के साथ संपर्क बनता है। यही संपर्क दिशा का सिग्नल है।
तिरछी दिशा तब बनती है जब लीवर दो स्विच के बीच झुकता है और दोनों को एक साथ दबाता है। उदाहरण के लिए नीचे और आगे एक साथ दबें तो नीचे आगे वाली तिरछी दिशा बनती है। अगर लीवर कोने तक पूरा न पहुँचे, तो एक ही स्विच दबता है और तिरछी दिशा छूट जाती है।
माइक्रोस्विच लाखों बार दबने के लिए बने होते हैं, पर समय के साथ उनका अंदरूनी स्प्रिंग थकता है या संपर्क गंदा होता है। तब स्विच कभी कभी चूकता है या एक दबाव पर दो बार संपर्क बनाता है। कुछ नए लीवर में माइक्रोस्विच की जगह बिना छुए काम करने वाले सेंसर भी होते हैं, जिनका घिसाव अलग तरह से होता है।
गेट, लीवर का रास्ता और तिरछी दिशाओं की जाँच
लीवर के नीचे एक प्लास्टिक का गेट होता है जो तय करता है कि लीवर कितनी दूर और किस आकार में घूम सकता है। चौकोर गेट में कोने आसानी से मिलते हैं, गोल गेट में घुमाना सहज होता है, और आठ कोनों वाले गेट में हर दिशा पर एक हल्का ठहराव मिलता है। हर गेट का अपना अहसास है।
आर्केड स्टिक टेस्ट में लीवर को धीरे धीरे हर कोने में ले जाइए और देखिए कि तिरछी दिशा कब चालू होती है। अगर कोने तक पूरा ले जाने पर भी सिर्फ़ एक दिशा दिखे, तो गेट लीवर को रोक रहा है या स्विच थोड़ा दूर लगे हैं। अगर हल्का सा झुकाने पर ही दिशा चालू हो जाए, तो लीवर बहुत संवेदनशील है।
गोल घुमाव भी जाँचिए, जैसे क्वार्टर सर्कल और पूरा 360 डिग्री वाला मूव। टेस्टर में हर दिशा एक के बाद एक बिना छूटे चालू होनी चाहिए। अगर घुमाते समय कोई दिशा बार बार छूट जाए, तो उस तरफ़ का स्विच कमज़ोर है या उसकी तार ढीली है।
बटन की जाँच: तेज़ दबाव और एक साथ इनपुट
फ़ाइट स्टिक के बटन भी अंदर से छोटे स्विच हैं। आर्केड स्टिक टेस्ट में हर बटन एक एक करके दबाइए और देखिए कि दबाते ही वह चालू और छोड़ते ही बंद होता है। फिर किसी बटन को बहुत तेज़ी से कई बार दबाइए, जैसे कुछ गेम में तेज़ पंच के लिए किया जाता है, और देखिए कि हर दबाव अलग दर्ज होता है।
एक साथ दबाव भी उतने ही ज़रूरी हैं। कई गेम में थ्रो या खास मूव के लिए दो या तीन बटन एक साथ दबाने पड़ते हैं। टेस्टर में देखिए कि सभी बटन एक साथ चालू दिखते हैं और कोई बटन दूसरे को दबने से नहीं रोकता। अच्छी स्टिक में चाहे जितने बटन एक साथ दबाइए, सब दर्ज होने चाहिए।
अगर कोई बटन एक दबाव पर दो बार दर्ज हो, तो गेम में एक ही मूव दो बार निकल सकता है या बफ़र गड़बड़ा सकता है। यह आम तौर पर घिसे स्विच या ढीले संपर्क से होता है। बटन बदलना ज़्यादातर स्टिक में आसान है, क्योंकि वे खाँचे में दबकर बैठते हैं और तार क्लिप से जुड़ती है।
SOCD: एक साथ उल्टी दिशाएँ दबाने पर क्या होता है
SOCD का मतलब है simultaneous opposing cardinal directions, यानी एक ही समय पर उल्टी दिशाएँ दबाना, जैसे बाएँ और दाएँ। लीवर वाली स्टिक में यह शारीरिक रूप से लगभग नामुमकिन है, क्योंकि लीवर एक समय में एक ही तरफ़ झुक सकता है। पर बटन वाली स्टिक में, जहाँ हर दिशा एक अलग बटन है, यह बहुत आसानी से हो सकता है।
ऐसी हालत में स्टिक या उसकी फ़र्मवेयर को तय करना पड़ता है कि गेम को क्या भेजे। आम विकल्प हैं बीच की हालत, यानी दोनों दिशाएँ रद्द, या आख़िरी दबाई गई दिशा को जीत देना। ऊपर और नीचे के लिए कई बार ऊपर को प्राथमिकता दी जाती है। हर विकल्प गेम में अलग असर डालता है।
आर्केड स्टिक टेस्ट में यह साफ़ दिखता है। बाएँ और दाएँ एक साथ दबाइए और देखिए कि टेस्टर में कोई दिशा दिखती है या बीच की हालत। फिर एक छोड़िए और दूसरी दबाए रखिए। कई टूर्नामेंट में SOCD के लिए नियम तय होते हैं, इसलिए अपनी स्टिक की सेटिंग उनसे मिला लेना समझदारी है।
D-pad, बायाँ स्टिक और दायाँ स्टिक मोड
ज़्यादातर फ़ाइट स्टिक पर एक छोटा स्विच होता है जो तय करता है कि लीवर किस रूप में पहचाना जाए। D-pad मोड में लीवर की दिशाएँ D-pad के बटन बनती हैं। बाएँ स्टिक मोड में वही दिशाएँ बाएँ एनालॉग स्टिक की एक्सिस पर पूरी वैल्यू बनकर जाती हैं, और दाएँ स्टिक मोड में दाएँ स्टिक पर।
यह इसलिए है कि हर गेम एक ही इनपुट नहीं सुनता। ज़्यादातर फ़ाइटिंग गेम D-pad पसंद करते हैं, पर कुछ मेन्यू या दूसरे गेम सिर्फ़ एनालॉग स्टिक से चलते हैं। अगर गेम में लीवर काम न करे, तो पहला शक इसी स्विच पर कीजिए।
टेस्टर में यह फ़र्क तुरंत दिखता है। D-pad मोड में लीवर हिलाने पर बटन मैट्रिक्स में D-pad के बटन चालू होते हैं, जबकि स्टिक मोड में स्टिक के गोले में बिंदु एक किनारे पर कूदता है। आर्केड स्टिक टेस्ट से पहले स्विच की हालत देख लीजिए, ताकि आप गलत जगह नतीजे न ढूँढें।
बटन लेआउट और गेम की मैपिंग मिलाना
फ़ाइट स्टिक पर आम तौर पर आठ एक्शन बटन दो पंक्तियों में होते हैं। हर बटन PC पर किसी गेमपैड बटन के बराबर होता है, जैसे ऊपर की पंक्ति में X, Y, RB, LB और नीचे A, B, RT, LT, या PlayStation नाम से Square, Triangle, R1, L1 और Cross, Circle, R2, L2। यह क्रम मॉडल के हिसाब से थोड़ा बदल सकता है।
टेस्टर में हर बटन दबाकर नोट कीजिए कि वह किस गेमपैड बटन के रूप में दिखता है। इससे गेम की कंट्रोल सेटिंग में सही बटन चुनना आसान होता है। अगर आपने खुद बटन की तारें बदली हैं, तो यह जाँच और भी ज़रूरी है, क्योंकि गलत क्रम में जुड़ी तार एक बटन को दूसरे की जगह भेज देती है।
Start, Select, Home और टर्बो जैसे बटन भी जाँचिए। कई स्टिक में इन्हें गलती से दबने से बचाने के लिए लॉक का विकल्प होता है। अगर कोई बटन टेस्टर में बिल्कुल न दिखे, तो देखिए कि कहीं वह लॉक तो नहीं है या उसका कोई दूसरा काम तय नहीं है।
इनपुट की देरी और polling rate को सही नज़र से देखना
फ़ाइटिंग गेम के खिलाड़ी देरी को लेकर बहुत सजग रहते हैं, और सही भी है। टेस्टर polling rate दिखाता है, यानी ब्राउज़र को एक सेकंड में कितनी बार नया डेटा मिला। ऊँची polling rate का मतलब है कि दबाव जल्दी पहुँचता है, पर यह पूरी तस्वीर नहीं है।
पूरी देरी में स्टिक की अंदरूनी प्रोसेसिंग, USB, ऑपरेटिंग सिस्टम, गेम की अपनी गणना और स्क्रीन का समय सब जुड़ते हैं। ब्राउज़र इसका सिर्फ़ एक हिस्सा माप सकता है। इसलिए polling rate को तुलना के लिए इस्तेमाल कीजिए, जैसे एक ही स्टिक को दो USB पोर्ट या दो मोड में परखना।
अगर polling rate बहुत कम है या बहुत ऊपर नीचे होती है, तो पहले स्टिक को सीधे PC के पोर्ट में लगाइए, USB हब से हटाइए और दूसरी केबल आज़माइए। कुछ स्टिक अलग मोड में अलग रफ़्तार देती हैं। हर बदलाव के बाद आर्केड स्टिक टेस्ट दोहराइए और नतीजे लिख लीजिए।
लीवर या बटन बदलने के बाद गड़बड़ी ढूँढना
बहुत से खिलाड़ी अपनी स्टिक में लीवर, गेट या बटन बदलते हैं ताकि अहसास उनकी पसंद का हो। यह काम आसान है, पर छोटी गलतियाँ आम हैं। सबसे आम है किसी दिशा की तार उल्टी जोड़ देना, जिससे ऊपर दबाने पर नीचे दर्ज होता है, या किसी बटन की तार ढीली रह जाना।
बदलाव के बाद सबसे पहले हर दिशा और हर बटन एक बार चलाइए और टेस्टर में मिलाइए। अगर लीवर का नक्शा उल्टा या घूमा हुआ लगे, तो देखिए कि नया लीवर सही दिशा में लगा है या उसकी तार की पट्टी उल्टी लगी है। कई लीवर चार तरफ़ से घुमाकर लगाए जा सकते हैं, और गलत घुमाव से दिशाएँ बदल जाती हैं।
अगर कोई बटन बिल्कुल न चले, तो उसकी दोनों तारें देखिए। एक तार अक्सर ग्राउंड की होती है जो कई बटन से होकर जाती है, और उसका ढीला होना कई बटन एक साथ बंद कर सकता है। आर्केड स्टिक टेस्ट से तुरंत पता चल जाता है कि कौन से बटन प्रभावित हैं, जिससे सही तार ढूँढना आसान होता है।
फ़ाइट स्टिक, बटन वाली स्टिक और गेमपैड की तुलना
लीवर वाली पारंपरिक फ़ाइट स्टिक आर्केड मशीन जैसा अहसास देती है। उसमें बड़ी हरकतें और गोल मूव सहज लगते हैं, और बहुत से खिलाड़ी सालों से इसी पर खेलते आए हैं। इसमें उल्टी दिशाएँ एक साथ नहीं दबतीं, इसलिए SOCD का सवाल कम उठता है।
बटन वाली स्टिक में लीवर की जगह चार बटन होते हैं, जिन्हें उंगलियों से दबाया जाता है। इसमें दिशा बदलना बहुत तेज़ हो सकता है, पर इसके लिए SOCD की सेटिंग बहुत अहम है, क्योंकि यहाँ बाएँ और दाएँ एक साथ दबाना आसान है। इसकी जाँच में SOCD वाला स्टेप ज़रूर कीजिए।
गेमपैड के D-pad में चारों दिशाएँ एक ही प्लास्टिक के टुकड़े के नीचे होती हैं। यह सस्ता और हल्का है, पर लंबे समय में तिरछी दिशाएँ अनचाहे दर्ज हो सकती हैं। तीनों तरह के कंट्रोलर इसी टेस्टर में जाँचे जा सकते हैं, और तुलना करने से आपको अपने लिए सही चुनाव करने में मदद मिलती है।
लीवर और बटन की देखभाल
फ़ाइट स्टिक बहुत भारी इस्तेमाल झेलती है, इसलिए उसकी थोड़ी देखभाल लंबा फ़र्क डालती है। हर कुछ हफ़्तों में ऊपर की सतह और बटन के आसपास की धूल साफ़ कीजिए। पेय और खाना स्टिक से दूर रखिए, क्योंकि बटन के बीच गिरा मीठा पेय स्विच को चिपचिपा बना देता है।
लीवर के नीचे की धूल गेट और स्विच दोनों पर असर डालती है। अगर स्टिक खोलना आता है और वारंटी खत्म हो चुकी है, तो कभी कभी नीचे का पैनल खोलकर हल्की हवा से सफ़ाई कीजिए। तारों को खींचकर मत निकालिए, बल्कि कनेक्टर को पकड़कर निकालिए।
समय समय पर आर्केड स्टिक टेस्ट चलाकर नतीजे नोट करते रहिए। अगर कोई दिशा या बटन धीरे धीरे कमज़ोर होने लगे, तो आप उसे टूर्नामेंट से पहले ही बदल सकते हैं। माइक्रोस्विच और बटन आम तौर पर सस्ते पुर्ज़े हैं और पूरी स्टिक बदलने से कहीं कम खर्च में काम हो जाता है।
प्राइवेसी और टेस्टर की कम्पैटिबिलिटी
यह टेस्टर पूरी तरह आपके ब्राउज़र में चलता है। हर दिशा और बटन की जानकारी वहीं पढ़ी और दिखाई जाती है, और कुछ भी हमारे सर्वर पर नहीं जाता। कोई अकाउंट या इंस्टॉल नहीं चाहिए, और पेज बंद करते ही सारा डेटा हट जाता है।
Chrome, Edge, Firefox, Opera और Safari जैसे आधुनिक ब्राउज़र Gamepad API सपोर्ट करते हैं। जो स्टिक PC पर XInput या साधारण गेम डिवाइस के रूप में जुड़ती है, वह यहाँ दिखेगी। कुछ स्टिक सिर्फ़ किसी खास कंसोल मोड में चलती हैं, उनके लिए मैनुअल में PC मोड का तरीका देखिए।
अगर स्टिक दिखे पर बटन का नक्शा अजीब लगे, तो वह कच्ची मैपिंग में हो सकती है, जहाँ बटन सिर्फ़ नंबर से दिखते हैं। इससे जाँच पर कोई असर नहीं पड़ता। हर बटन दबाकर देखिए कि कौन सा नंबर चालू होता है, और बस यह पक्का कीजिए कि हर इनपुट दर्ज हो रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह आर्केड स्टिक टेस्ट बटन वाली स्टिक के साथ भी चलता है?
हाँ। बटन वाली स्टिक की हर दिशा एक बटन है और वह यहाँ D-pad या स्टिक की दिशा के रूप में दिखती है। ऐसी स्टिक में SOCD वाला स्टेप ज़रूर कीजिए, क्योंकि उल्टी दिशाएँ एक साथ दबाना उसमें आसान है।
मेरी फ़ाइट स्टिक PC पर क्यों नहीं दिखती?
पहले कोई बटन दबाइए। फिर देखिए कि स्टिक PC या XInput मोड में है, USB सीधे PC में लगी है और केबल डेटा भेजती है। ज़रूरत हो तो दूसरा पोर्ट और दूसरी केबल आज़माइए।
लीवर हिलाने पर D-pad के बजाय स्टिक क्यों चलता है?
स्टिक का मोड स्विच बाएँ या दाएँ स्टिक पर है। उसे D-pad पर कीजिए। कुछ गेम एनालॉग स्टिक सुनते हैं और कुछ D-pad, इसलिए यह स्विच उसी के लिए दिया जाता है।
तिरछी दिशाएँ बार बार क्यों छूटती हैं?
लीवर कोने तक पूरा नहीं पहुँच रहा, गेट रोक रहा है या एक स्विच कमज़ोर है। टेस्टर में लीवर को धीरे धीरे हर कोने में ले जाकर देखिए कि दोनों दिशाएँ एक साथ चालू होती हैं या नहीं।
SOCD सेटिंग क्या होती है और कौन सी चुनूँ?
यह तय करती है कि उल्टी दिशाएँ एक साथ दबाने पर स्टिक क्या भेजे, जैसे बीच की हालत या आख़िरी दबाई गई दिशा। टूर्नामेंट में खेलते हैं तो उनके नियम देखिए, वरना वह चुनिए जो आपके गेम में सबसे सहज लगे।
एक दबाव पर बटन दो बार क्यों दर्ज होता है?
यह आम तौर पर घिसे बटन स्विच या ढीले संपर्क से होता है। कनेक्टर को दबाकर ठीक से बैठाइए और फिर से जाँचिए। फिर भी हो, तो बटन बदल दीजिए, यह ज़्यादातर स्टिक में आसान है।
क्या आर्केड स्टिक टेस्ट से इनपुट की पूरी देरी नापी जा सकती है?
पूरी देरी नहीं। टेस्टर polling rate दिखाता है, जो ब्राउज़र तक डेटा पहुँचने की रफ़्तार है। पूरी देरी में गेम और स्क्रीन का समय भी जुड़ता है। polling rate को तुलना के लिए इस्तेमाल कीजिए।
बटन बदलने के बाद दिशाएँ उल्टी क्यों हो गईं?
शायद लीवर गलत घुमाव में लगा है या उसकी तार की पट्टी उल्टी जुड़ी है। लीवर की दिशा और तारों का क्रम देखिए और टेस्टर में हर दिशा को फिर से मिलाइए।
क्या PlayStation या Xbox वाली स्टिक यहाँ चलती है?
ज़्यादातर स्टिक PC से जुड़ने पर यहाँ दिखती हैं, खासकर जब उनमें PC या XInput मोड हो। कुछ मॉडल सिर्फ़ एक कंसोल मोड में चलते हैं, उनके लिए मैनुअल में PC पर चलाने का तरीका देखिए।
क्या मेरे इनपुट कहीं सेव या भेजे जाते हैं?
नहीं। सारे इनपुट सिर्फ़ आपके ब्राउज़र में पढ़े और दिखाए जाते हैं। कुछ भी हमारे सर्वर पर नहीं जाता और पेज बंद करते ही सब हट जाता है।