xbox 360 कंट्रोलर टेस्ट: पुराने Xbox पैड की हर चाबी ब्राउज़र में परखें
यह xbox 360 कंट्रोलर टेस्ट उन लोगों के लिए है जिनके पास अब भी Microsoft का वह भरोसेमंद पैड है जो एक पूरी पीढ़ी के PC गेमिंग की पहचान बन गया। चाहे आपका कंट्रोलर तार वाला हो या AA बैटरी पैक वाला वायरलेस मॉडल, उसे जोड़िए, कोई भी बटन दबाइए और A, B, X, Y, दोनों बम्पर, दोनों ट्रिगर, गोल D-pad, Back, Start और दोनों थंबस्टिक की लाइव वैल्यू तुरंत स्क्रीन पर देखिए। सब कुछ ब्राउज़र के अंदर चलता है, कुछ भी इंस्टॉल नहीं करना पड़ता और कोई डेटा आपके कंप्यूटर से बाहर नहीं जाता। नीचे हम यह भी समझाएँगे कि वायरलेस मॉडल के साथ आने वाली चार्जिंग केबल डेटा क्यों नहीं भेजती, गाइड बटन के चारों ओर की रोशनी क्या बताती है और पुराने पैड में ड्रिफ्ट को कैसे पहचानें।
अपना कंट्रोलर USB या Bluetooth से जोड़ें, फिर कोई भी बटन दबाएँ
कंट्रोलर नहीं दिख रहा?
- Gamepad API के सबसे अच्छे सपोर्ट के लिए Google Chrome, Microsoft Edge, Brave या Opera इस्तेमाल करें।
- यह पेज खोलने के बाद कोई भी बटन दबाएँ या स्टिक हिलाएँ, ताकि ब्राउज़र गेमपैड को चालू कर सके।
- Firefox में जुड़े हुए कंट्रोलर टैब को तभी दिखते हैं जब आप एक बार कोई बटन दबाते हैं।
- macOS और iOS 16+ पर Bluetooth सेटिंग्स में देखें कि आपका कंट्रोलर पेयर हुआ है या नहीं।
मोशन, टचपैड और बैटरी (PS4 / PS5)
WebHID मोड Sony DualShock 4, DualSense और DualSense Edge को सपोर्ट करता है।
पाँच स्टेप में अपना Xbox 360 पैड कैसे जाँचें
- सही कनेक्शन चुनें: वायर्ड मॉडल की केबल सीधे PC के USB पोर्ट में लगाइए, क्योंकि यही उसकी असली डेटा लाइन है। वायरलेस मॉडल के लिए Xbox 360 Wireless Receiver for Windows या कोई संगत 2.4 GHz रिसीवर लगाइए, रिसीवर का बटन दबाइए और फिर कंट्रोलर के ऊपर वाले छोटे कनेक्ट बटन को दबाइए।
- पेज खोलकर एक इनपुट दें: टेस्टर खोलने के बाद A दबाइए या कोई स्टिक हल्का सा हिलाइए। ब्राउज़र प्राइवेसी के कारण गेमपैड को तभी वेबसाइट के सामने लाते हैं जब यूज़र खुद कोई इनपुट दे। इसके बाद कंट्रोलर का नाम और उसकी मैपिंग ऊपर दिखने लगती है।
- हर बटन बारी बारी से दबाएँ: चारों फ़ेस बटन, LB और RB, Back और Start, फिर दोनों स्टिक को अंदर दबाकर क्लिक कीजिए। हर बटन दबाते समय रोशन होना चाहिए और छोड़ते ही तुरंत बुझ जाना चाहिए। अगर कोई बटन देर से छूटता है या दो बार दर्ज होता है, तो उसे नोट कर लीजिए।
- स्टिक और ट्रिगर की रेंज देखें: दोनों स्टिक छोड़कर 5 सेकंड का ड्रिफ्ट टेस्ट चलाइए, फिर हर स्टिक को धीरे धीरे किनारे तक ले जाकर कुछ गोल चक्कर लगाइए। इसके बाद LT और RT को बहुत धीमे से पूरा दबाइए और देखिए कि वैल्यू 0 से 1 तक बिना उछले बढ़ती है या नहीं।
- रंबल चलाकर नतीजा सेव करें: कमज़ोर, तेज़ और दोहरे वाइब्रेशन बटन आज़माइए ताकि दोनों मोटर की जाँच हो सके। अंत में कॉपी बटन से छोटा सा सारांश सेव कर लीजिए, जिसे आप खरीदार, विक्रेता या रिपेयर करने वाले को भेज सकते हैं।
xbox 360 कंट्रोलर टेस्ट के नतीजों को कैसे पढ़ें
टेस्टर वही दिखाता है जो ब्राउज़र को कंट्रोलर से मिलता है। बटन दबे या छूटे दिखते हैं, स्टिक माइनस एक से प्लस एक के बीच की संख्या के रूप में और ट्रिगर शून्य से एक तक। नीचे की टेबल इस पुराने पैड पर आम तौर पर दिखने वाली स्थितियों को समझने में मदद करती है। ये सीमाएँ अनुभव पर आधारित दिशानिर्देश हैं, कोई आधिकारिक मानक नहीं।
| क्या दिखा | सामान्य स्थिति | संभावित कारण | आप क्या करें |
|---|---|---|---|
| छोड़ने पर भी स्टिक की वैल्यू 0.08 से ऊपर | 0.02 के आसपास या कम | पोटेंशियोमीटर का घिसना या धूल | ड्रिफ्ट टेस्ट दोहराएँ, गेम में डेडज़ोन बढ़ाएँ |
| चार्जिंग केबल लगाने पर कंट्रोलर नहीं दिखता | वायर्ड मॉडल तुरंत दिखता है | Play and Charge केबल सिर्फ़ बिजली देती है | वायरलेस रिसीवर से जोड़ें |
| D-pad पर तिरछी दिशा अपने आप दब जाती है | सीधी दिशा अकेली दर्ज होती है | गोल डिस्क वाली बनावट | धीरे दबाकर जाँचें, फ़ाइटिंग गेम में ध्यान रखें |
| LT और RT एक ही एक्सिस पर दिखते हैं | दोनों अलग अलग 0 से 1 | पुराना DirectInput मोड | XInput वाले ब्राउज़र या सिस्टम पर जाँचें |
| गाइड बटन पर कुछ नहीं होता | ब्राउज़र के हिसाब से अलग | यह बटन वेबसाइट तक नहीं पहुँचता | कंसोल या सिस्टम पर अलग से जाँचें |
| रिंग की चारों लाइटें लगातार चक्कर लगाती हैं | एक हिस्सा स्थिर जलता है | रिसीवर से जुड़ नहीं पाया | रिसीवर और कंट्रोलर दोनों का कनेक्ट बटन दबाएँ |
xbox 360 कंट्रोलर टेस्ट असल में क्या जाँचता है
Xbox 360 कंट्रोलर 2005 में कंसोल के साथ आया था और जल्द ही Windows पर गेम खेलने का सबसे आम पैड बन गया। इसमें चार फ़ेस बटन, दो बम्पर, दो एनालॉग ट्रिगर, दो थंबस्टिक, एक गोल D-pad, Back, Start और बीच में चमकता गाइड बटन है। वायरलेस मॉडल में बैटरी पीछे की तरफ़ एक अलग पैक में लगती है, जबकि वायर्ड मॉडल में केबल हमेशा जुड़ी रहती है।
हमारा टेस्टर W3C Gamepad API के ज़रिए इन सभी इनपुट को पढ़ता है और किसी गेम की बीच वाली परत के बिना सीधे दिखा देता है। इसका फ़ायदा यह है कि आप तुरंत पता लगा सकते हैं कि गड़बड़ी कंट्रोलर में है या किसी गेम की बटन सेटिंग, एमुलेटर कॉन्फ़िगरेशन या ड्राइवर में।
इस पैड में न जायरोस्कोप है, न टचपैड और न ही बैटरी प्रतिशत बताने का कोई तरीका जो वेबसाइट तक पहुँचे। इसलिए इस पेज पर जाँच बटन, स्टिक, ट्रिगर, D-pad और वाइब्रेशन पर केंद्रित है। WebHID वाला हिस्सा सिर्फ़ Sony के DualShock 4, DualSense और DualSense Edge के लिए है, इसलिए Xbox 360 पैड के साथ वह खाली रहेगा।
वायर्ड और वायरलेस मॉडल: सबसे बड़ा फ़र्क
वायर्ड Xbox 360 कंट्रोलर एक साधारण USB डिवाइस की तरह काम करता है। Windows 7 और उसके बाद के संस्करण इसे खुद पहचान लेते हैं और ज़्यादातर मामलों में अलग ड्राइवर की ज़रूरत नहीं पड़ती। केबल के बीच में एक छोटा सा ब्रेकअवे कनेक्टर होता है, जो खिंचाव पड़ने पर अलग हो जाता है ताकि कंसोल या लैपटॉप ज़मीन पर न गिरे। अगर यह जोड़ ढीला हो जाए तो कनेक्शन बीच बीच में टूट सकता है।
वायरलेस मॉडल Bluetooth इस्तेमाल नहीं करता। यह Microsoft के अपने 2.4 GHz वायरलेस प्रोटोकॉल पर चलता है, इसलिए लैपटॉप की Bluetooth सेटिंग्स में इसे ढूँढना बेकार है। PC पर इसे जोड़ने के लिए Xbox 360 Wireless Receiver for Windows या उसी तरह का संगत रिसीवर चाहिए, जो एक साथ चार कंट्रोलर संभाल सकता है।
जाँच के लिहाज़ से दोनों मॉडल ब्राउज़र में लगभग एक जैसे दिखते हैं। फ़र्क बस इतना है कि वायरलेस में रिसीवर, बैटरी और दूरी भी नतीजे पर असर डालते हैं। इसलिए अगर वायरलेस पैड में इनपुट रुक रुक कर आए, तो पहले नई बैटरी डालिए और रिसीवर को कंट्रोलर के पास किसी खुली जगह पर रखिए।
चार्जिंग केबल डेटा क्यों नहीं भेजती
सबसे आम उलझन यही है। वायरलेस Xbox 360 कंट्रोलर के साथ बिकने वाली Play and Charge केबल देखने में USB केबल जैसी लगती है, लेकिन यह सिर्फ़ बैटरी पैक को चार्ज करती है। कंट्रोलर इस केबल पर भी अपने इनपुट वायरलेस तरीके से ही भेजता है, यानी रिसीवर के बिना PC को कोई बटन दबना दिखता ही नहीं।
इसलिए अगर केबल लगाने पर रिंग की लाइटें चमकती रहें लेकिन टेस्टर में कुछ न आए, तो इसका मतलब यह नहीं कि कंट्रोलर खराब है। उसे या तो रिसीवर चाहिए या फिर आपको किसी वायर्ड Xbox 360 पैड से तुलना करनी होगी। यह बात खरीदारी से पहले जानना बहुत काम आता है।
गाइड बटन की रिंग और प्लेयर नंबर
गाइड बटन के चारों ओर की रोशनी, जिसे अक्सर Ring of Light कहा जाता है, चार हिस्सों में बँटी होती है। जुड़ने के बाद इनमें से एक हिस्सा स्थिर जलता है और बताता है कि यह कंट्रोलर पहला, दूसरा, तीसरा या चौथा प्लेयर है। जब चारों हिस्से बारी बारी से घूमते हैं, तो कंट्रोलर अभी कनेक्शन खोज रहा होता है।
टेस्टर में कंट्रोलर का स्लॉट नंबर इस रोशनी से अलग हो सकता है, क्योंकि ब्राउज़र अपना क्रम खुद तय करता है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। अगर लाइटें बहुत देर तक घूमती रहें और फिर बुझ जाएँ, तो रिसीवर और कंट्रोलर दोनों का कनेक्ट बटन दोबारा दबाइए।
अगर रिंग का कोई हिस्सा लाल रंग में चमके, तो यह कंसोल के हार्डवेयर से जुड़ा संकेत होता है, कंट्रोलर से नहीं। कंट्रोलर की अपनी रोशनी हमेशा हरी रहती है, इसलिए जाँच के समय सिर्फ़ यह देखिए कि कोई हिस्सा स्थिर हुआ या नहीं।
XInput: वह मानक जिसकी नींव इसी पैड ने रखी
Microsoft ने Xbox 360 कंट्रोलर के साथ Windows के लिए XInput नाम का इनपुट इंटरफ़ेस पेश किया। इसमें हर बटन और एक्सिस की जगह पहले से तय है, इसलिए गेम को यह पूछने की ज़रूरत नहीं पड़ती कि कौन सा बटन कहाँ है। यही वजह है कि आज के कई गेम अब भी Xbox वाले बटन नाम दिखाते हैं।
Chrome और Edge जैसे ब्राउज़र Windows पर XInput कंट्रोलर को स्टैंडर्ड मैपिंग के साथ दिखाते हैं। इसका मतलब है कि बटन 0 नीचे वाला A, बटन 1 दाईं ओर वाला B, बटन 2 बाईं ओर वाला X और बटन 3 ऊपर वाला Y होता है। ट्रिगर बटन 6 और 7 के रूप में शून्य से एक तक की वैल्यू देते हैं।
अगर टेस्टर में मैपिंग खाली दिखे और बटन नंबर उलटे पुलटे लगें, तो कंट्रोलर शायद किसी पुराने DirectInput रास्ते से आ रहा है। ऐसे में दूसरा ब्राउज़र आज़माइए या जाँचिए कि कहीं कोई तीसरी पार्टी ड्राइवर या रीमैपिंग टूल बीच में तो नहीं है।
पुराने पैड में स्टिक ड्रिफ्ट कैसे पहचानें
Xbox 360 कंट्रोलर के थंबस्टिक पोटेंशियोमीटर पर चलते हैं, यानी एक छोटी सी पट्टी पर घिसने वाला संपर्क। सालों के इस्तेमाल के बाद यह पट्टी घिस जाती है या उसमें धूल भर जाती है, और तब स्टिक छोड़ने पर भी वैल्यू शून्य पर नहीं लौटती। गेम में यह कैमरे के अपने आप घूमने या किरदार के धीरे धीरे खिसकने के रूप में दिखता है।
टेस्टर में दोनों स्टिक पूरी तरह छोड़ दीजिए और X और Y की वैल्यू पढ़िए। अगर वे लगभग 0.02 के भीतर स्थिर हैं, तो पैड ठीक है। 0.05 से 0.08 तक हल्का ड्रिफ्ट है जिसे डेडज़ोन संभाल लेता है, लेकिन उससे ऊपर की वैल्यू या लगातार बदलती संख्या साफ़ खराबी की ओर इशारा करती है।
गोलाई की जाँच भी ज़रूरी है। स्टिक को किनारे पर रखकर धीरे धीरे पूरा गोल घुमाइए। अच्छा स्टिक लगभग साफ़ गोल रेखा बनाता है, जबकि घिसा हुआ स्टिक किसी एक दिशा में अंदर की ओर दबा हुआ या टूटा हुआ आकार बनाता है।
एनालॉग ट्रिगर, बम्पर और दो मोटर वाला रंबल
LT और RT पूरी तरह एनालॉग हैं, यानी हल्के दबाव पर कम और पूरे दबाव पर ज़्यादा वैल्यू देते हैं। रेसिंग गेम में एक्सेलरेटर इसी पर निर्भर रहता है, इसलिए धीरे धीरे दबाते हुए देखिए कि संख्या बीच में कहीं अटकती या उछलती तो नहीं। पुराने DirectInput मोड में दोनों ट्रिगर एक ही एक्सिस साझा करते थे, जिससे दोनों साथ दबाने पर वे एक दूसरे को काट देते थे। XInput में यह समस्या नहीं होती।
कंट्रोलर के अंदर दो वाइब्रेशन मोटर हैं: बाईं ओर बड़ी और भारी मोटर, दाईं ओर छोटी और तेज़। जिन ब्राउज़र में dual-rumble सपोर्ट है, वहाँ टेस्टर दोनों मोटर को अलग अलग चला सकता है। अगर सिर्फ़ एक तरफ़ से कंपन आए, तो दूसरी मोटर या उसका तार ढीला हो सकता है।
गोल D-pad की सही जाँच
इस कंट्रोलर का D-pad एक गोल डिस्क के रूप में बना है, और यह अपनी कम सटीकता के लिए काफ़ी जाना जाता है। ऊपर दबाने पर कभी कभी ऊपर और बाएँ, या ऊपर और दाएँ भी साथ में दर्ज हो जाते हैं। फ़ाइटिंग गेम या पुराने प्लेटफ़ॉर्मर खेलने वालों को यह बात सबसे ज़्यादा परेशान करती है।
टेस्टर में हर दिशा अलग से हल्का और फिर ज़ोर से दबाइए। अगर हल्के दबाव पर भी पड़ोसी दिशा जल उठे, तो यह इस डिज़ाइन की आम सीमा है, खराबी नहीं। लेकिन अगर कोई दिशा बिल्कुल दर्ज न हो या दबाने के बाद भी जली रहे, तो अंदर का रबर पैड या संपर्क खराब हो सकता है।
Linux, macOS और Android पर xbox 360 कंट्रोलर टेस्ट
Linux में xpad नाम का ड्राइवर कर्नेल में शामिल है, इसलिए ज़्यादातर वितरणों में वायर्ड पैड केबल लगाते ही चल जाता है। ब्राउज़र उसे पढ़ लेते हैं, हालाँकि मैपिंग कभी कभी Windows से थोड़ी अलग दिख सकती है।
macOS में Xbox 360 कंट्रोलर के लिए कोई अंतर्निहित सपोर्ट नहीं है, इसलिए नए Mac पर यह अक्सर दिखता ही नहीं। Android पर कई फ़ोन और टैबलेट USB OTG एडैप्टर के ज़रिए वायर्ड मॉडल पहचान लेते हैं। अगर किसी डिवाइस पर कंट्रोलर न दिखे, तो पहले Windows PC पर जाँच कर लीजिए ताकि पता चले कि कमी पैड में है या डिवाइस में।
आम गड़बड़ियाँ और उनके तेज़ समाधान
कई बार कंट्रोलर जुड़ा होता है लेकिन टेस्टर कुछ नहीं दिखाता। सबसे पहले कोई बटन दबाइए, क्योंकि बिना इनपुट के ब्राउज़र पैड को छिपाए रखता है। फिर देखिए कि कहीं कोई दूसरा प्रोग्राम कंट्रोलर को अपने कब्ज़े में तो नहीं रख रहा, जैसे कोई गेम क्लाइंट या रीमैपिंग सॉफ़्टवेयर।
वायरलेस पैड बार बार कटे तो बैटरी, दूरी और रिसीवर का USB पोर्ट तीनों बदलकर देखिए। USB 3 पोर्ट के पास का शोर कभी कभी 2.4 GHz सिग्नल में दखल देता है, इसलिए रिसीवर को एक्सटेंशन केबल से थोड़ा दूर रखना मदद कर सकता है।
- कोई इनपुट न दिखे: एक बटन दबाइए और पेज रीफ़्रेश कीजिए
- बटन नंबर उलटे: दूसरा ब्राउज़र या सीधा USB पोर्ट आज़माइए
- वायरलेस इनपुट रुक रुक कर: नई बैटरी और रिसीवर पास में
- केबल पर कुछ नहीं: जाँचिए कि वह Play and Charge केबल तो नहीं
सेकंड हैंड Xbox 360 कंट्रोलर खरीदने से पहले की जाँच
यह पैड अब नया कम मिलता है, इसलिए ज़्यादातर लोग इसे पुराने बाज़ार से खरीदते हैं। ऐसे में पाँच मिनट का xbox 360 कंट्रोलर टेस्ट बाद के पछतावे से बचा सकता है। विक्रेता से कहिए कि वह वायर्ड पैड को लैपटॉप से जोड़े, या वायरलेस मॉडल के साथ रिसीवर भी दिखाए।
नीचे दी गई सूची को एक एक करके देखिए। हर बिंदु टेस्टर में कुछ सेकंड में जाँचा जा सकता है।
- दोनों स्टिक छोड़कर ड्रिफ्ट टेस्ट चलाएँ
- स्टिक को किनारे पर घुमाकर गोलाई देखें
- LT और RT को धीरे धीरे पूरा दबाएँ
- चारों फ़ेस बटन और दोनों बम्पर दबाएँ
- D-pad की चारों दिशाएँ अलग से जाँचें
- दोनों स्टिक को अंदर दबाकर क्लिक कराएँ
- दोनों वाइब्रेशन मोटर चलाकर सुनें
प्राइवेसी: आपका डेटा आपके पास ही रहता है
पूरा xbox 360 कंट्रोलर टेस्ट आपके ब्राउज़र के भीतर होता है। बटन, स्टिक और ट्रिगर की वैल्यू किसी सर्वर पर नहीं भेजी जाती और कोई रिकॉर्डिंग नहीं बनती। पेज बंद करते ही सारी रीडिंग खत्म हो जाती है।
सारांश कॉपी करने का बटन भी सिर्फ़ आपके क्लिपबोर्ड में टेक्स्ट डालता है। उसे कहाँ भेजना है, यह पूरी तरह आप तय करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या वायरलेस Xbox 360 कंट्रोलर Bluetooth से जुड़ सकता है?
नहीं। यह मॉडल Microsoft के अपने 2.4 GHz प्रोटोकॉल पर चलता है और इसमें Bluetooth नहीं है। PC से जोड़ने के लिए Xbox 360 Wireless Receiver for Windows या कोई संगत रिसीवर चाहिए। रिसीवर लगाने के बाद उसका बटन और फिर कंट्रोलर का कनेक्ट बटन दबाइए।
चार्जिंग केबल लगाने पर भी PC मेरा कंट्रोलर क्यों नहीं पहचानता?
वायरलेस मॉडल के साथ आने वाली Play and Charge केबल सिर्फ़ बैटरी पैक को बिजली देती है, डेटा नहीं भेजती। कंट्रोलर अपने इनपुट तब भी वायरलेस तरीके से ही भेजता है, इसलिए रिसीवर के बिना टेस्टर में कुछ नहीं आएगा। यह कंट्रोलर की खराबी नहीं है।
क्या वायर्ड मॉडल के लिए ड्राइवर इंस्टॉल करना पड़ता है?
Windows 7, 8, 10 और 11 पर ज़्यादातर मामलों में नहीं। सिस्टम केबल लगाते ही इसे XInput डिवाइस के रूप में पहचान लेता है। अगर Device Manager में अनजान डिवाइस दिखे, तो Windows Update चलाइए, उसी में आम तौर पर ज़रूरी ड्राइवर मिल जाता है।
क्या xbox 360 कंट्रोलर टेस्ट Mac पर चलता है?
टेस्टर खुद Mac के ब्राउज़र में खुल जाता है, लेकिन macOS में Xbox 360 पैड के लिए कोई अंतर्निहित सपोर्ट नहीं है। इसलिए ज़्यादातर Mac इसे गेमपैड के रूप में दिखाते ही नहीं। भरोसेमंद नतीजे के लिए Windows या Linux मशीन पर जाँच कीजिए।
D-pad पर तिरछी दिशाएँ अपने आप क्यों दब जाती हैं?
Xbox 360 का D-pad एक गोल डिस्क है जो अपने नीचे के चारों संपर्कों पर एक साथ झुक सकती है। इसलिए हल्का सा तिरछा दबाव भी पड़ोसी दिशा जला देता है। यह इस डिज़ाइन की आम सीमा है। अगर कोई दिशा बिल्कुल काम न करे, तब मरम्मत सोचिए।
कुछ गेम में दोनों ट्रिगर एक ही एक्सिस पर क्यों चलते हैं?
पुराने DirectInput इंटरफ़ेस में Xbox 360 के दोनों ट्रिगर एक साझा एक्सिस पर भेजे जाते थे, एक प्लस की ओर और दूसरा माइनस की ओर। दोनों साथ दबाने पर वैल्यू शून्य हो जाती थी। XInput और ब्राउज़र की स्टैंडर्ड मैपिंग में दोनों ट्रिगर अलग अलग दिखते हैं।
क्या टेस्टर में गाइड बटन दिखेगा?
यह ब्राउज़र और ऑपरेटिंग सिस्टम पर निर्भर करता है। कई सिस्टम गाइड बटन को अपने लिए रखते हैं और वेबसाइट तक नहीं जाने देते। अगर टेस्टर में यह बटन न जले, तो इसे कंट्रोलर की खराबी मत मानिए। उसकी जाँच कंसोल या सिस्टम मेनू खोलकर कीजिए।
एक साथ कितने Xbox 360 कंट्रोलर जाँचे जा सकते हैं?
Windows के लिए बना वायरलेस रिसीवर एक साथ चार कंट्रोलर संभालता है, और XInput भी चार कंट्रोलर तक सीमित है। टेस्टर हर जुड़े पैड को अलग स्लॉट में दिखाता है, इसलिए आप चाहें तो दो कंट्रोलर साथ जोड़कर उनकी रीडिंग की तुलना भी कर सकते हैं।
क्या सस्ते Xbox 360 जैसे दिखने वाले पैड भी इस टेस्ट में चलते हैं?
हाँ, अगर वे खुद को XInput डिवाइस के रूप में पेश करते हैं तो वे असली पैड की तरह ही दिखेंगे। ऐसे पैड में स्टिक की सटीकता, ट्रिगर की रेंज और वाइब्रेशन की ताकत अक्सर कम होती है, जो टेस्टर में साफ़ दिख जाती है। तुलना के लिए ड्रिफ्ट और गोलाई की जाँच खास तौर पर काम की है।
क्या पुराने Xbox 360 कंट्रोलर की मरम्मत करवाना फ़ायदेमंद है?
अक्सर हाँ। ड्रिफ्ट की सबसे आम वजह थंबस्टिक मॉड्यूल है, जिसे सोल्डरिंग जानने वाला रिपेयर करने वाला कम खर्च में बदल सकता है। ढीला ब्रेकअवे कनेक्टर या घिसा हुआ बटन रबर भी आसानी से बदल जाता है। मरम्मत से पहले और बाद में टेस्टर का सारांश सेव कर लीजिए ताकि फ़र्क साफ़ दिखे।