स्टिक ड्रिफ्ट कैसे ठीक करें: अपने आप खिसकते एनालॉग स्टिक को सही करने का पूरा तरीका
बहुत से गेमर पूछते हैं कि स्टिक ड्रिफ्ट कैसे ठीक करें, और ज़्यादातर लोग सीधे पेचकस उठा लेते हैं। असल में पहला कदम मापना है। जो स्टिक बिना छुए ऊपर या किसी कोने की तरफ़ सरकता है, उसके पीछे धूल, बिगड़ा हुआ कैलिब्रेशन, बहुत छोटी डेडज़ोन या घिसा हुआ सेंसर, कोई भी वजह हो सकती है। हर वजह का इलाज अलग है और कई इलाज बिल्कुल मुफ़्त हैं। इस गाइड में हम सही क्रम में चलेंगे: पहले टेस्ट, फिर सेटिंग, फिर सफ़ाई और सबसे आख़िर में पुर्ज़ा बदलना। हर कदम के बाद ब्राउज़र वाले ड्रिफ्ट टेस्ट से असली संख्याओं में देखिए कि सुधार हुआ या नहीं।
अपना कंट्रोलर USB या Bluetooth से जोड़ें, फिर कोई भी बटन दबाएँ
कंट्रोलर नहीं दिख रहा?
- Gamepad API के सबसे अच्छे सपोर्ट के लिए Google Chrome, Microsoft Edge, Brave या Opera इस्तेमाल करें।
- यह पेज खोलने के बाद कोई भी बटन दबाएँ या स्टिक हिलाएँ, ताकि ब्राउज़र गेमपैड को चालू कर सके।
- Firefox में जुड़े हुए कंट्रोलर टैब को तभी दिखते हैं जब आप एक बार कोई बटन दबाते हैं।
- macOS और iOS 16+ पर Bluetooth सेटिंग्स में देखें कि आपका कंट्रोलर पेयर हुआ है या नहीं।
मोशन, टचपैड और बैटरी (PS4 / PS5)
WebHID मोड Sony DualShock 4, DualSense और DualSense Edge को सपोर्ट करता है।
पाँच कदम में ड्रिफ्ट की समस्या सुलझाएँ
- ड्रिफ्ट को संख्या में मापें: कंट्रोलर जोड़िए, टेस्टर खोलिए, दोनों स्टिक पूरी तरह छोड़ दीजिए और पाँच सेकंड वाला ड्रिफ्ट टेस्ट चलाइए। आराम की हालत वाली वैल्यू और स्टिक किस दिशा में खिसकता है, दोनों लिख लीजिए। आगे के हर कदम की तुलना इसी शुरुआती संख्या से होगी।
- सॉफ़्टवेयर की गड़बड़ी को अलग करें: वही कंट्रोलर किसी दूसरे PC, फ़ोन या दूसरे ब्राउज़र में जाँचिए। अगर वहाँ ड्रिफ्ट नहीं दिखता, तो समस्या ड्राइवर, कैलिब्रेशन या गेम सेटिंग में है। अगर हर जगह वही वैल्यू आती है, तो गड़बड़ी हार्डवेयर के अंदर है।
- कैलिब्रेशन और डेडज़ोन ठीक करें: Windows, कंसोल या Steam में कंट्रोलर को दोबारा कैलिब्रेट कीजिए। इसके बाद गेम में डेडज़ोन को छोटे-छोटे हिस्सों में बढ़ाइए, जब तक छोड़ा हुआ स्टिक कोई हरकत न भेजे। हल्के ड्रिफ्ट में अक्सर यही पूरा इलाज होता है।
- स्टिक की सफ़ाई करें: अगर फ़र्क नहीं पड़ा, तो सफ़ाई कीजिए। कंट्रोलर खोले बिना रुई की तीली पर थोड़ा आइसोप्रोपिल अल्कोहल लगाकर स्टिक कैप के किनारे पर फेरिए और स्टिक को गोल घुमाते रहिए। खुले कंट्रोलर में पोटेंशियोमीटर के लिए बना कॉन्टैक्ट क्लीनर सीधे मॉड्यूल में डाला जाता है।
- मॉड्यूल बदलें या वारंटी लें: सफ़ाई के बाद भी ड्रिफ्ट लौट आए, तो सेंसर घिस चुका है। तब नया स्टिक मॉड्यूल लगवाना या Hall effect स्टिक पर जाना ही रास्ता है। वारंटी बाकी हो, तो कंट्रोलर खुद मत खोलिए, सीधे कंपनी या विक्रेता से संपर्क कीजिए।
हर कदम से पहले और बाद की रीडिंग कैसे पढ़ें
ड्रिफ्ट टेस्ट बताता है कि छोड़ा हुआ स्टिक बीच के बिंदु से कितना दूर बैठा है। हर उपाय से पहले और बाद की वैल्यू मिलाकर देखने से पता चलता है कि आप सही दिशा में जा रहे हैं या नहीं। नीचे की टेबल आम नतीजों को समझने में मदद करती है, ये सीमाएँ अनुभव पर आधारित दिशानिर्देश हैं, कोई आधिकारिक मानक नहीं।
| टेस्ट में आराम की वैल्यू | आकलन | संभावित वजह | अगला कदम |
|---|---|---|---|
| शून्य के पास, हल्की झिलमिलाहट | ड्रिफ्ट नहीं | सामान्य सिग्नल शोर | कुछ करने की ज़रूरत नहीं, डिफ़ॉल्ट डेडज़ोन काफ़ी है |
| बीच से थोड़ा हटकर एक जगह टिकी वैल्यू | हल्का ड्रिफ्ट | कैलिब्रेशन खिसका या शुरुआती घिसाव | कैलिब्रेट करें, डेडज़ोन थोड़ी बढ़ाएँ |
| वैल्यू धीरे-धीरे एक दिशा में बढ़ती है | साफ़ ड्रिफ्ट | पोटेंशियोमीटर में धूल या घिसाव का चूरा | आइसोप्रोपिल अल्कोहल या कॉन्टैक्ट क्लीनर से सफ़ाई |
| वैल्यू बेतरतीब उछलती है | तेज़ ड्रिफ्ट | घिसी हुई रेज़िस्टिव पट्टी | एक बार सफ़ाई आज़माएँ, फिर मॉड्यूल बदलें |
| ड्रिफ्ट सिर्फ़ एक डिवाइस पर | हार्डवेयर ठीक है | ड्राइवर, कैलिब्रेशन या गेम सेटिंग | उसी डिवाइस का सॉफ़्टवेयर जाँचें |
| सफ़ाई के कुछ दिन बाद ड्रिफ्ट वापस | स्थायी घिसाव | सेंसर की उम्र पूरी | नया मॉड्यूल, Hall effect स्टिक या वारंटी |
एनालॉग स्टिक में ड्रिफ्ट आता क्यों है
ज़्यादातर कंट्रोलर स्टिक की स्थिति दो पोटेंशियोमीटर से मापते हैं। ये छोटे घूमने वाले रेज़िस्टर होते हैं जिनकी कार्बन पट्टी पर एक धातु का संपर्क फिसलता है। एक पोटेंशियोमीटर X एक्सिस और दूसरा Y एक्सिस संभालता है। जब आप स्टिक हिलाते हैं, तो संपर्क की जगह बदलती है, वोल्टेज बदलता है और कंट्रोलर उसे एक संख्या में बदलकर भेज देता है।
हर घंटे की गेमिंग के साथ यह पट्टी थोड़ी घिसती है। घिसाव से बना महीन चूरा, बाहर से आई धूल, हाथ का पसीना और नमी मिलकर संपर्क को कमज़ोर करते हैं। नतीजा यह कि बीच वाली स्थिति में भी वोल्टेज ठीक बीच में नहीं रहता और कंट्रोलर को लगता है कि स्टिक हल्का सा दबा हुआ है।
कभी-कभी वजह इससे भी साधारण होती है। स्टिक को वापस बीच में लाने वाला स्प्रिंग ढीला पड़ जाता है, या गिरने से मॉड्यूल का प्लास्टिक हल्का टेढ़ा हो जाता है। ऐसे में स्टिक हर बार ठीक बीच में नहीं लौटता और वैल्यू एक ही दिशा में टिकी रहती है।
पहले मापिए, फिर तय कीजिए कि स्टिक ड्रिफ्ट कैसे ठीक करें
बिना मापे मरम्मत करना अंधेरे में तीर चलाने जैसा है। ब्राउज़र वाला टेस्टर स्टिक की कच्ची वैल्यू दशमलव के चार अंकों तक दिखाता है, बिना किसी गेम की डेडज़ोन के। इससे आपको वह दिखता है जो कंसोल का मेन्यू कभी नहीं दिखाता: छोड़ा हुआ स्टिक असल में कहाँ बैठा है और वह स्थिर है या धीरे-धीरे चल रहा है।
टेस्ट करते समय कंट्रोलर को मेज़ पर सीधा रख दीजिए और स्टिक को बिल्कुल मत छुइए। हाथ में पकड़े रहने से उँगली अनजाने में दबाव डाल सकती है। फिर स्टिक को कुछ बार पूरा गोल घुमाकर छोड़िए और दोबारा वैल्यू देखिए। अगर हर बार अलग जगह रुकता है, तो स्प्रिंग या घिसाव की तरफ़ इशारा है।
नतीजे का स्क्रीनशॉट ले लीजिए या संख्याएँ लिख लीजिए। यही आपका शुरुआती आधार है। हर उपाय के बाद वही टेस्ट दोहराइए, ताकि साफ़ पता चले कि किस कदम से असली सुधार हुआ और किसने कोई फ़र्क नहीं डाला।
सॉफ़्टवेयर वाली वजहें पहले हटाइए
हर ड्रिफ्ट हार्डवेयर की खराबी नहीं होता। Windows में पुराना कैलिब्रेशन डेटा पड़ा हो सकता है, Steam Input किसी प्रोफ़ाइल में डेडज़ोन बदल सकता है, या कोई गेम अपनी ही कैलिब्रेशन फ़ाइल रखता है। ऐसे में स्टिक बिल्कुल ठीक होता है, फिर भी गेम में किरदार अपने आप चलता है।
सबसे तेज़ जाँच यह है कि कंट्रोलर को किसी दूसरे डिवाइस पर जोड़ा जाए। अपने फ़ोन या किसी दूसरे लैपटॉप पर टेस्टर खोलिए। अगर वहाँ आराम की वैल्यू शून्य के पास है, तो कंट्रोलर ठीक है और गड़बड़ी आपके मुख्य सिस्टम की सेटिंग में है।
Windows में गेम कंट्रोलर वाली सेटिंग में कैलिब्रेशन को डिफ़ॉल्ट पर रीसेट करना भी एक आसान कदम है। जो कंट्रोलर फ़र्मवेयर अपडेट सपोर्ट करते हैं, उनके लिए कंपनी के आधिकारिक ऐप से अपडेट कर लेना भी समझदारी है, क्योंकि कुछ अपडेट स्टिक के व्यवहार से जुड़ी दिक्कतें भी सुधारते हैं।
डेडज़ोन और कैलिब्रेशन: सबसे जल्दी असर करने वाला उपाय
डेडज़ोन बीच के आसपास का वह छोटा घेरा है जिसके अंदर की हर हरकत को गेम नज़रअंदाज़ कर देता है। अगर आपका स्टिक आराम में 0.04 पर बैठता है और डेडज़ोन 0.06 है, तो गेम को कोई ड्रिफ्ट महसूस नहीं होगा। इसलिए हल्के ड्रिफ्ट में बस डेडज़ोन को मापी गई वैल्यू से थोड़ा ऊपर रखना काफ़ी होता है।
इसकी एक कीमत है। डेडज़ोन जितनी बड़ी, स्टिक की हल्की हरकतें उतनी ही खो जाती हैं। शूटर गेम में बारीक निशाना लगाना मुश्किल हो सकता है और रेसिंग गेम में स्टीयरिंग का शुरुआती हिस्सा सुस्त लगता है। इसलिए डेडज़ोन उतनी ही बढ़ाइए जितनी ज़रूरी है, उससे ज़्यादा नहीं।
कैलिब्रेशन अलग चीज़ है। यह कंट्रोलर या सिस्टम को बताता है कि स्टिक का असली बीच और असली किनारे कहाँ हैं। अगर बीच का बिंदु खिसक गया है पर सेंसर ठीक है, तो कैलिब्रेशन ड्रिफ्ट को लगभग पूरी तरह हटा सकता है। Nintendo Switch में सिस्टम सेटिंग्स के कंट्रोलर वाले हिस्से में स्टिक कैलिब्रेशन का अपना विकल्प मिलता है।
कंट्रोलर खोले बिना सफ़ाई
अगर कैलिब्रेशन से बात नहीं बनी, तो अगला सुरक्षित कदम बाहर से सफ़ाई है। कंट्रोलर बंद कीजिए और अगर हटने वाली बैटरी है तो उसे निकाल दीजिए। रुई की तीली को 90% या उससे ज़्यादा शुद्धता वाले आइसोप्रोपिल अल्कोहल में हल्का भिगोइए, टपकने लायक नहीं।
स्टिक को एक तरफ़ पूरा झुकाइए और कैप के नीचे की खुली जगह पर तीली फेरिए। फिर स्टिक को धीरे-धीरे कई बार गोल घुमाइए, ताकि अल्कोहल अंदर तक पहुँचे और चूरा ढीला हो जाए। कुछ मिनट सूखने दीजिए और फिर टेस्टर में वैल्यू दोबारा देखिए।
कई लोग कैन वाली कंप्रेस्ड हवा भी इस्तेमाल करते हैं। छोटे झटकों में हवा देने से ढीली धूल बाहर निकल सकती है। कैन को उल्टा मत पकड़िए, वरना ठंडा तरल बाहर आ सकता है। यह तरीका हर मामले में काम नहीं करता, पर इसमें खतरा कम है और कुछ ही मिनट लगते हैं।
खुले कंट्रोलर में कॉन्टैक्ट क्लीनर से सफ़ाई
जिनकी वारंटी खत्म हो चुकी है और जिन्हें छोटे पेच खोलने का अनुभव है, वे कंट्रोलर खोलकर पोटेंशियोमीटर तक सीधे पहुँच सकते हैं। हर मॉडल में खोलने का तरीका अलग होता है, कहीं छिपे हुए क्लिप होते हैं और कहीं ग्रिप के नीचे पेच। रिबन केबल और बैटरी कनेक्टर को बहुत सावधानी से अलग करना पड़ता है।
पोटेंशियोमीटर के खुले हिस्से में इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बना कॉन्टैक्ट क्लीनर एक छोटी फुहार में डालिए और स्टिक को बार-बार घुमाइए। ऐसा क्लीनर लीजिए जो प्लास्टिक के लिए सुरक्षित बताया गया हो और जिसमें चिकनाई वाला तेल न हो, क्योंकि तेल बाद में और धूल पकड़ता है।
दोबारा जोड़ने से पहले सब कुछ पूरी तरह सूखने दीजिए। फिर कंट्रोलर जोड़कर टेस्ट चलाइए। अगर ड्रिफ्ट काफ़ी कम हो गया है, तो अच्छा है, पर ध्यान रखिए कि घिसी पट्टी साफ़ होने से नई नहीं बनती, इसलिए कुछ हफ़्तों बाद समस्या लौट भी सकती है।
मॉड्यूल बदलना या Hall effect स्टिक लगाना
जब सफ़ाई के बाद भी वैल्यू बेतरतीब उछलती रहे, तो पोटेंशियोमीटर अपनी उम्र पूरी कर चुका है। तब स्टिक का पूरा मॉड्यूल बदलना पड़ता है। यह मॉड्यूल सर्किट बोर्ड पर सोल्डर होता है, इसलिए सोल्डरिंग आयरन और डीसोल्डरिंग पंप चाहिए। अनुभव न हो तो यह काम किसी भरोसेमंद रिपेयर दुकान से करवाना बेहतर है।
आजकल कई कंट्रोलर के लिए Hall effect या TMR सेंसर वाले बदले जाने लायक स्टिक मिलते हैं। ये चुंबक और सेंसर से स्थिति पढ़ते हैं, इसलिए अंदर कोई पट्टी रगड़ती नहीं और घिसाव से होने वाला ड्रिफ्ट लगभग खत्म हो जाता है। लगाने से पहले जाँच लीजिए कि वह मॉड्यूल आपके मॉडल और बोर्ड के संस्करण से मेल खाता हो।
नया स्टिक लगाने के बाद पहला काम है उसी टेस्टर में दोबारा मापना। आराम की वैल्यू शून्य के पास होनी चाहिए, गोल घुमाने पर घेरा पूरा बनना चाहिए और किनारे पर वैल्यू 1.0 के आसपास पहुँचनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं है, तो कैलिब्रेशन एक बार और कर लीजिए।
लोकप्रिय कंट्रोलर के लिए ज़रूरी बातें
PS5 का DualSense और PS4 का DualShock 4 दोनों पोटेंशियोमीटर स्टिक इस्तेमाल करते हैं और दोनों में ड्रिफ्ट की शिकायत आम है। PlayStation कंसोल पर स्टिक कैलिब्रेशन का कोई अलग मेन्यू नहीं है, इसलिए PC पर टेस्ट और सफ़ाई ही पहला रास्ता है। DualSense Edge में स्टिक मॉड्यूल बदले जा सकते हैं, जिससे बिना सोल्डरिंग के नया मॉड्यूल लगाया जा सकता है।
Xbox Series और Xbox One कंट्रोलर में भी यही तकनीक है। इनके लिए Windows की गेम कंट्रोलर सेटिंग और गेम के अंदर की डेडज़ोन सबसे काम की चीज़ें हैं। Elite मॉडल में Xbox Accessories ऐप के ज़रिए स्टिक की संवेदनशीलता के कर्व बदले जा सकते हैं।
Nintendo के Joy-Con ड्रिफ्ट के लिए खास तौर पर जाने जाते हैं, क्योंकि उनका स्टिक छोटा है और उस पर दबाव ज़्यादा पड़ता है। Switch की सेटिंग में स्टिक कैलिब्रेशन ज़रूर आज़माइए। उसके बाद भी समस्या रहे, तो उसके लिए बदलने वाले स्टिक आसानी से मिल जाते हैं, बस बारीक रिबन केबल को बहुत सावधानी से संभालिए।
काम शुरू करने से पहले सामान तैयार रखें
सफ़ाई और मरम्मत के लिए बहुत महँगे औज़ार नहीं चाहिए, पर सही औज़ार ज़रूरी हैं। सही आकार के पेचकस, प्लास्टिक के खोलने वाले औज़ार, रुई की तीलियाँ, ऊँची शुद्धता वाला आइसोप्रोपिल अल्कोहल और कॉन्टैक्ट क्लीनर एक जगह रखिए।
बहुत छोटे पेच खो जाना सबसे आम परेशानी है। एक कटोरी या चुंबक वाली ट्रे में पेच उसी क्रम में रखिए जिसमें उन्हें निकाला। हर कदम पर फ़ोन से फ़ोटो लेते रहिए, ताकि वापस जोड़ते समय याद रहे कि कौन सी केबल कहाँ थी।
मॉड्यूल बदलने वालों के लिए तापमान नियंत्रण वाला सोल्डरिंग आयरन, डीसोल्डरिंग पंप या विक, और साफ़ रोशनी वाली मेज़ ज़रूरी है। स्थिर बिजली से पुर्ज़ों को बचाने के लिए काम से पहले किसी धातु की वस्तु को छू लेना भी अच्छी आदत है।
ड्रिफ्ट ठीक करते समय होने वाली आम गलतियाँ
सबसे बड़ी गलती है सीधे कंट्रोलर खोल देना, जबकि समस्या सिर्फ़ सेटिंग में थी। दूसरी आम गलती है बहुत ज़्यादा तरल डालना। ज़्यादा अल्कोहल या क्लीनर बोर्ड पर फैल सकता है और दूसरे पुर्ज़ों तक पहुँच सकता है।
कुछ लोग WD-40 जैसे चिकनाई वाले स्प्रे इस्तेमाल कर लेते हैं। इससे थोड़ी देर के लिए फ़र्क दिख सकता है, पर बची हुई चिकनाई बाद में धूल को चिपकाती है और ड्रिफ्ट और बुरा हो जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बना, जल्दी उड़ने वाला क्लीनर ही सही है।
तीसरी गलती है डेडज़ोन को बहुत ज़्यादा बढ़ा देना। ड्रिफ्ट तो दिखना बंद हो जाता है, पर स्टिक की बारीक हरकतें भी चली जाती हैं। अगर ड्रिफ्ट दबाने के लिए डेडज़ोन को बहुत बड़ा करना पड़ रहा है, तो यह संकेत है कि असली इलाज सफ़ाई या मॉड्यूल बदलना है।
पहले वारंटी की जाँच कर लें
कंट्रोलर खोलने से पहले रसीद और वारंटी की अवधि देख लीजिए। ज़्यादातर कंपनियाँ कंट्रोलर खोलने पर वारंटी खत्म मान लेती हैं। अगर कंट्रोलर अभी वारंटी में है, तो स्टिक ड्रिफ्ट एक साफ़ कमी है जिसके लिए बदलाव या मरम्मत माँगी जा सकती है।
दावा करते समय टेस्टर की रिपोर्ट या स्क्रीनशॉट मददगार हो सकते हैं, क्योंकि उनमें छोड़े हुए स्टिक की वैल्यू साफ़ दिखती है। फिर भी ध्यान रखिए कि हर कंपनी और विक्रेता अपनी जाँच प्रक्रिया अपनाता है और ब्राउज़र की रिपोर्ट कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं है।
आगे ड्रिफ्ट से कैसे बचें
पूरी तरह रोकना मुमकिन नहीं, पर रफ़्तार कम की जा सकती है। खाने के तुरंत बाद या गंदे हाथों से गेम मत खेलिए, कंट्रोलर को धूल से दूर ढककर रखिए और उसे बैग में ऐसे मत डालिए कि स्टिक पर लगातार दबाव पड़े।
हर कुछ हफ़्तों में ब्राउज़र वाला टेस्ट चलाने की आदत डालिए। जब आराम की वैल्यू धीरे-धीरे बढ़ने लगे, तो आप शुरुआत में ही हल्की सफ़ाई कर सकते हैं, इससे पहले कि गेम में ड्रिफ्ट दिखने लगे और आपको फिर से खोजना पड़े कि स्टिक ड्रिफ्ट कैसे ठीक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिना कंट्रोलर खोले स्टिक ड्रिफ्ट कैसे ठीक करें?
पहले टेस्टर में ड्रिफ्ट मापिए, फिर Windows, Steam या Switch में कैलिब्रेशन कीजिए और गेम की डेडज़ोन थोड़ी बढ़ाइए। उसके बाद रुई की तीली और आइसोप्रोपिल अल्कोहल से स्टिक कैप के नीचे सफ़ाई कीजिए। कई मामलों में इतना ही काफ़ी होता है।
क्या आइसोप्रोपिल अल्कोहल कंट्रोलर के लिए सुरक्षित है?
ऊँची शुद्धता वाला आइसोप्रोपिल अल्कोहल जल्दी उड़ जाता है और थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल करने पर आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है। कंट्रोलर बंद रखिए, तीली को सिर्फ़ हल्का गीला कीजिए और जोड़ने से पहले कुछ मिनट सूखने दीजिए।
ड्रिफ्ट की वैल्यू कितनी हो तो चिंता करनी चाहिए?
आराम की हालत में लगभग 0.02 तक की वैल्यू सामान्य शोर है। उससे ऊपर हल्का ड्रिफ्ट है जिसे डेडज़ोन से संभाला जा सकता है। अगर वैल्यू 0.08 से ऊपर है या धीरे-धीरे बढ़ती है, तो ज़्यादातर गेम में यह साफ़ महसूस होगा।
क्या सफ़ाई के बाद ड्रिफ्ट हमेशा के लिए चला जाता है?
हमेशा नहीं। अगर वजह धूल थी, तो सफ़ाई लंबे समय तक काम कर सकती है। अगर पट्टी घिस चुकी है, तो सफ़ाई से कुछ समय की राहत मिलती है और ड्रिफ्ट बाद में लौट आता है। तब मॉड्यूल बदलना ही पक्का उपाय है।
Hall effect स्टिक लगाने से क्या फ़ायदा है?
Hall effect स्टिक चुंबक और सेंसर से स्थिति पढ़ता है, इसलिए अंदर कोई पट्टी नहीं रगड़ती। इस वजह से घिसाव वाला ड्रिफ्ट लगभग नहीं होता। लगाने से पहले यह ज़रूर देखिए कि वह आपके कंट्रोलर के मॉडल और बोर्ड से मेल खाता हो।
क्या वारंटी में कंट्रोलर खुद खोलना ठीक है?
नहीं। ज़्यादातर कंपनियाँ कंट्रोलर खोलने पर वारंटी रद्द मान लेती हैं। अगर वारंटी बाकी है, तो टेस्टर की रिपोर्ट के साथ विक्रेता या कंपनी से संपर्क कीजिए और मरम्मत या बदलाव माँगिए।
सिर्फ़ एक गेम में ड्रिफ्ट क्यों दिखता है?
अगर टेस्टर में स्टिक ठीक दिखता है पर एक गेम में किरदार अपने आप चलता है, तो उस गेम की डेडज़ोन बहुत कम है या उसकी अपनी कैलिब्रेशन सेटिंग बिगड़ी है। उस गेम की कंट्रोल सेटिंग में डेडज़ोन बढ़ाइए या डिफ़ॉल्ट पर लौटाइए।
मरम्मत के बाद कैसे पक्का करूँ कि स्टिक ठीक हो गया?
टेस्टर में दोबारा ड्रिफ्ट टेस्ट चलाइए और शुरुआती रीडिंग से मिलाइए। आराम की वैल्यू शून्य के पास होनी चाहिए, गोल घुमाने पर पूरा घेरा बनना चाहिए और किनारे पर वैल्यू 1.0 तक पहुँचनी चाहिए। कुछ दिन बाद एक बार और जाँच लीजिए।