ट्रिगर टेस्ट: एनालॉग ट्रिगर की पूरी रेंज 0% से 100% तक
यह मुफ़्त ट्रिगर टेस्ट आपके कंट्रोलर के एनालॉग ट्रिगर को एक पतली पट्टी और प्रतिशत के रूप में दिखाता है, ताकि आप देख सकें कि L2 और R2 या LT और RT धीरे दबाने पर बराबर बढ़ते हैं, पूरा दबाने पर सचमुच 100% तक पहुँचते हैं और छोड़ते ही शून्य पर लौटते हैं या नहीं। रेसिंग गेम में एक्सीलरेटर, शूटर में निशाना और गोली, और स्पोर्ट्स गेम में दौड़, सब इन्हीं ट्रिगर पर टिका है। कंट्रोलर को USB या Bluetooth से जोड़िए, ट्रिगर दबाइए और कच्चा डेटा तुरंत देखिए।
अपना कंट्रोलर USB या Bluetooth से जोड़ें, फिर कोई भी बटन दबाएँ
कंट्रोलर नहीं दिख रहा?
- Gamepad API के सबसे अच्छे सपोर्ट के लिए Google Chrome, Microsoft Edge, Brave या Opera इस्तेमाल करें।
- यह पेज खोलने के बाद कोई भी बटन दबाएँ या स्टिक हिलाएँ, ताकि ब्राउज़र गेमपैड को चालू कर सके।
- Firefox में जुड़े हुए कंट्रोलर टैब को तभी दिखते हैं जब आप एक बार कोई बटन दबाते हैं।
- macOS और iOS 16+ पर Bluetooth सेटिंग्स में देखें कि आपका कंट्रोलर पेयर हुआ है या नहीं।
मोशन, टचपैड और बैटरी (PS4 / PS5)
WebHID मोड Sony DualShock 4, DualSense और DualSense Edge को सपोर्ट करता है।
ट्रिगर टेस्ट कैसे करें: पाँच स्टेप
- कंट्रोलर जोड़ें और एक बटन दबाएँ: डेटा वाली USB केबल या Bluetooth से कंट्रोलर जोड़ें और कोई फ़ेस बटन दबाएँ। दोनों ट्रिगर की पट्टियाँ और उनके नीचे 0.0000 से 1.0000 तक की संख्या दिखने लगेगी।
- आराम की स्थिति में शून्य देखें: ट्रिगर को बिल्कुल न छुएँ और देखें कि दोनों संख्याएँ ठीक 0.0000 पर हैं। अगर बिना छुए भी पट्टी में थोड़ा रंग भरा दिखता है, तो ट्रिगर पूरी तरह ऊपर नहीं लौट रहा या सेंसर का केंद्र खिसका है।
- धीरे-धीरे पूरा दबाएँ: हर ट्रिगर को लगभग तीन सेकंड में बहुत धीरे नीचे तक दबाएँ। पट्टी को बिना रुके और बिना उछले बराबर बढ़ना चाहिए। अगर बीच में कोई छलांग या ठहराव दिखे, तो वह जगह नोट करें।
- अंत में अधिकतम value जाँचें: ट्रिगर को पूरा दबाकर दो सेकंड रोकें। अच्छी हालत में संख्या 1.0000 या उसके बहुत क़रीब होनी चाहिए। 0.90 या उससे कम पर रुकना अधूरी रेंज है, जिसका असर गेम में पूरी रफ़्तार या पूरे ब्रेक पर पड़ता है।
- तेज़ दबाव और छोड़ने की जाँच: ट्रिगर को कुछ बार तेज़ी से पूरा दबाएँ और छोड़ें। हर बार छोड़ते ही संख्या तुरंत 0.0000 पर लौटनी चाहिए। लौटने में देर या बीच में अटकना कमज़ोर स्प्रिंग या अंदर की गंदगी का संकेत है।
ट्रिगर टेस्ट की संख्याओं का मतलब
W3C Gamepad API में standard mapping के अंदर बायाँ ट्रिगर buttons[6] और दायाँ ट्रिगर buttons[7] पर आता है। ये बटन होते हुए भी 0 से 1 के बीच की value भेजते हैं, जिससे दबाव की गहराई पता चलती है। नीचे की टेबल आम अनुभव से बनी है और किसी निर्माता का आधिकारिक मानक नहीं है।
| क्या मापा गया | सही हालत | ध्यान देने लायक | ख़राबी का संकेत |
|---|---|---|---|
| बिना छुए value | 0.0000 | 0.0100 से 0.0300 | 0.0400 से ऊपर, ट्रिगर अपने आप दबा दिखे |
| रिस्पॉन्स कब शुरू हुआ | पहले 2% से 3% दबाव में | 3% से 5% के बाद | 8% से ज़्यादा दबाने पर ही हलचल |
| धीमे दबाव में बढ़त | बराबर, बिना रुके | हल्की सीढ़ीनुमा बढ़त | बीच में छलांग, ठहराव या उलटी गिरावट |
| पूरा दबाने पर अधिकतम | 0.98 से 1.0000 | 0.92 से 0.97 | 0.90 से कम |
| पूरा दबाकर रोकने पर | स्थिर संख्या | चौथे दशमलव में हल्की हलचल | लगातार ऊपर-नीचे झिलमिलाहट |
| छोड़ने के बाद वापसी | तुरंत 0.0000 | पल भर की देरी | बीच में अटकना या धीरे लौटना |
एनालॉग ट्रिगर क्या है और ट्रिगर टेस्ट क्यों ज़रूरी है
आधुनिक कंट्रोलर के कंधे पर लगे निचले बटन, यानी PlayStation पर L2 और R2 और Xbox पर LT और RT, साधारण बटन नहीं हैं। ये एनालॉग ट्रिगर हैं, जो सिर्फ़ यह नहीं बताते कि दबे हैं या नहीं, बल्कि यह भी बताते हैं कि कितना दबे हैं। रेसिंग गेम इसी जानकारी से एक्सीलरेटर और ब्रेक की ताक़त तय करते हैं, और कई शूटर हल्के दबाव पर निशाना और पूरे दबाव पर गोली चलाने जैसा व्यवहार बनाते हैं।
जब ट्रिगर की रेंज अधूरी हो जाती है, तो इसका असर बहुत चुपचाप होता है। गाड़ी कभी पूरी रफ़्तार नहीं पकड़ती, ब्रेक पूरा नहीं लगता या गोली कभी-कभार चलती ही नहीं, और खिलाड़ी को लगता है कि गेम या नेटवर्क में दिक़्क़त है। ट्रिगर टेस्ट इस धुंध को हटाकर संख्या में बताता है कि ट्रिगर असल में कितनी दूरी तक सिग्नल भेज रहा है।
यह जाँच ख़ास तौर पर उन खिलाड़ियों के लिए अहम है जो ट्रिगर स्टॉप या हेयर ट्रिगर वाले कंट्रोलर इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि वहाँ कम दूरी में ही पूरी value मिलनी चाहिए।
ट्रिगर के अंदर का सेंसर: पोटेंशियोमीटर से Hall effect तक
ज़्यादातर कंट्रोलर के ट्रिगर में एक छोटा घूमने वाला सेंसर होता है जो ट्रिगर की धुरी से जुड़ा रहता है। कई मॉडल में यह पोटेंशियोमीटर होता है, जिसमें एक वाइपर प्रतिरोधी पटरी पर फिसलता है, बिल्कुल स्टिक की तरह। समय के साथ यह पटरी घिसती है और तब ट्रिगर की value बीच में उछलने या अंत तक न पहुँचने लगती है।
कुछ कंट्रोलर, ख़ासकर कई नए थर्ड पार्टी मॉडल, ट्रिगर में चुंबक और Hall effect सेंसर इस्तेमाल करते हैं, जिनमें नापने वाले हिस्सों के बीच कोई रगड़ नहीं होती। इनमें घिसाव वाली झिलमिलाहट कम होती है, लेकिन चुंबक की जगह या फ़ैक्टरी कैलिब्रेशन की गड़बड़ी से रेंज फिर भी अधूरी हो सकती है।
सेंसर के अलावा ट्रिगर में एक स्प्रिंग होती है जो उसे ऊपर लौटाती है। स्प्रिंग थकने पर ट्रिगर पूरी तरह ऊपर नहीं आता और बिना छुए भी थोड़ी value दिखती है। ट्रिगर टेस्ट में आराम वाली संख्या देखकर आप सेंसर और स्प्रिंग की समस्या को अलग पहचान सकते हैं।
ब्राउज़र में ट्रिगर टेस्ट कैसे काम करता है
टेस्टर हर स्क्रीन फ़्रेम पर Gamepad API से कंट्रोलर की ताज़ा स्थिति पढ़ता है। जब कंट्रोलर standard mapping में आता है, तो दोनों ट्रिगर buttons[6] और buttons[7] के value फ़ील्ड में 0 से 1 के बीच की संख्या भेजते हैं। हम इस पर कोई डेडज़ोन या स्मूदिंग नहीं लगाते, इसलिए आप वही कच्चा सिग्नल देखते हैं जो गेम को मिलता है।
कुछ कंट्रोलर, ड्राइवर या ब्राउज़र ट्रिगर को बटन के बजाय axis के रूप में भेजते हैं। ऐसे में ट्रिगर की पट्टी नहीं हिलती, लेकिन axes वाले हिस्से में कोई संख्या -1 से +1 के बीच बदलती दिखती है। इसका मतलब ख़राबी नहीं, सिर्फ़ मैपिंग का फ़र्क है। आप axis की हलचल से भी ट्रिगर की रेंज और झिलमिलाहट उसी तरह जाँच सकते हैं।
Windows पर पुराने DirectInput मोड में Xbox कंट्रोलर के दोनों ट्रिगर एक ही साझा axis पर आते हैं, जहाँ एक ट्रिगर उसे एक तरफ़ और दूसरा दूसरी तरफ़ धकेलता है। इस मोड में दोनों को एक साथ दबाने पर value वापस बीच में आ जाती है। आधुनिक ब्राउज़र आम तौर पर Xbox कंट्रोलर को XInput से पढ़ते हैं, जहाँ दोनों ट्रिगर अलग होते हैं।
अधूरी रेंज, झिलमिलाहट और शुरुआती डेडज़ोन: तीन आम समस्याएँ
पहली समस्या अधूरी रेंज है, जब पूरा दबाने पर भी संख्या 0.85 या 0.90 पर रुक जाती है। रेसिंग में इसका मतलब है कि गाड़ी अपनी पूरी ताक़त कभी नहीं पाती। दूसरी समस्या झिलमिलाहट है, जब ट्रिगर को एक जगह रोकने पर भी संख्या लगातार ऊपर-नीचे होती रहती है। यह घिसी पटरी या ढीले संपर्क का संकेत है। तीसरी समस्या शुरुआती डेडज़ोन है, जब ट्रिगर को काफ़ी दबाने के बाद ही value बढ़नी शुरू होती है।
तीनों समस्याएँ धीमी गति वाले ट्रिगर टेस्ट में साफ़ दिखती हैं। पट्टी को देखते हुए ट्रिगर को बहुत धीरे दबाइए और हर छलांग, ठहराव या उलटी गिरावट नोट कीजिए। फिर दूसरे ट्रिगर पर यही दोहराइए और दोनों की तुलना कीजिए। अक्सर एक ट्रिगर, आम तौर पर ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला दायाँ, पहले ख़राब होता है।
- अधूरी रेंज: पूरा दबाने पर भी 0.90 से कम, पूरी रफ़्तार या पूरा ब्रेक नहीं
- झिलमिलाहट: एक जगह रोकने पर संख्या का लगातार ऊपर-नीचे होना
- शुरुआती डेडज़ोन: पहले कई प्रतिशत दबाव का कोई असर नहीं
- बिना छुए value: थकी स्प्रिंग या खिसका सेंसर
- धीमी वापसी: अंदर गंदगी या चिपचिपाहट
PS5 DualSense के adaptive trigger और ट्रिगर टेस्ट
Sony DualSense के L2 और R2 में adaptive trigger तकनीक है, जिसमें एक छोटी मोटर ट्रिगर पर उल्टा दबाव डालकर धनुष की डोरी, अटकती बंदूक या ब्रेक पैडल जैसा एहसास बनाती है। यह प्रतिरोध गेम खुद कंट्रोलर को भेजता है। ब्राउज़र का Gamepad API इस प्रतिरोध को सेट करने या नापने का कोई मानक तरीका नहीं देता, इसलिए हमारा टेस्टर adaptive trigger की मोटर नहीं जाँचता।
फिर भी DualSense के ट्रिगर की स्थिति वाली value पूरी तरह पढ़ी जा सकती है, और यही गेम में सबसे ज़्यादा मायने रखती है। अगर adaptive trigger वाले गेम में ट्रिगर अजीब लगता है, तो पहले यहाँ बिना प्रतिरोध के उसकी रेंज जाँचिए। अगर यहाँ 0 से 1 तक सब ठीक है, तो समस्या प्रतिरोध वाली मोटर या गेम की सेटिंग में हो सकती है।
कुछ लोगों को adaptive trigger की आदत नहीं पड़ती। PS5 की सेटिंग में ट्रिगर के प्रभाव की तीव्रता बदलने या बंद करने का विकल्प मिलता है, जिससे लंबे सत्र में उँगलियों पर ज़ोर कम होता है।
Xbox के impulse trigger और LT, RT की जाँच
Xbox One और Xbox Series कंट्रोलर के LT और RT में अपनी छोटी रंबल मोटर होती है, जिसे impulse trigger कहा जाता है। ये ट्रिगर के ठीक नीचे कंपन देती हैं, जैसे रेसिंग में पहिये फिसलने पर या शूटर में गोली चलाने पर। कुछ Chromium आधारित ब्राउज़र Windows पर trigger-rumble नाम का प्रभाव भी समर्थन करते हैं, लेकिन यह हर ब्राउज़र और हर प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।
LT और RT की स्थिति वाली value XInput के ज़रिए 0 से 1 के बीच बारीक कदमों में आती है, इसलिए धीमे दबाव में पट्टी बहुत चिकनी चलती दिखती है। अगर Xbox कंट्रोलर पर पट्टी सीढ़ीनुमा या उछलती हुई चले, तो यह सेंसर की घिसावट का संकेत है, क्योंकि सामान्य हालत में ऐसा बहुत कम होता है।
Xbox Elite जैसे कुछ कंट्रोलर में ट्रिगर स्टॉप होते हैं, जो ट्रिगर की यात्रा छोटी कर देते हैं। स्टॉप लगाने के बाद ट्रिगर टेस्ट चलाकर देखिए कि छोटी यात्रा में भी पूरी 1.0000 value आती है या नहीं।
Switch, PS3 और जेनेरिक पैड पर ट्रिगर का अलग व्यवहार
Nintendo Switch Pro Controller और Joy-Con के ZL और ZR डिजिटल हैं। वे सिर्फ़ 0 या 1 भेजते हैं, बीच की कोई value नहीं। इसलिए इन पर धीमा दबाव जाँचने का कोई अर्थ नहीं है। यहाँ ट्रिगर टेस्ट का काम सिर्फ़ यह देखना है कि ट्रिगर हर बार साफ़ दबता और छूटता है, और कोई डबल क्लिक या अटकाव नहीं है।
पुराने PS3 DualShock 3 में L2 और R2 के साथ कई फ़ेस बटन भी दबाव संवेदनशील थे, लेकिन ब्राउज़र और ड्राइवर के हिसाब से यह जानकारी हर जगह नहीं मिलती। कई जेनेरिक USB पैड के ट्रिगर भी सिर्फ़ डिजिटल होते हैं, भले ही वे दिखने में एनालॉग जैसे लगें।
अगर आपका ट्रिगर सिर्फ़ 0 और 1 के बीच कूदता है, तो पहले यह पता कीजिए कि मॉडल में एनालॉग ट्रिगर है भी या नहीं। उलझन होने पर किसी दूसरे ब्राउज़र या कंप्यूटर पर वही ट्रिगर टेस्ट चलाकर तुलना कीजिए।
ट्रिगर टेस्ट में गड़बड़ी मिले तो घर पर क्या करें
सबसे पहले कनेक्शन बदलकर देखिए: दूसरी केबल, दूसरा पोर्ट या Bluetooth की जगह USB। फिर कंट्रोलर का फ़र्मवेयर उसके आधिकारिक ऐप या कंसोल के ज़रिए अपडेट कीजिए, क्योंकि कुछ अपडेट ट्रिगर की कैलिब्रेशन भी सुधारते हैं। अगर समस्या बनी रहती है, तो अगला कदम सफ़ाई है।
कंट्रोलर बंद करके ट्रिगर को पूरा दबाइए और उसके किनारों की दरार में कंप्रेस्ड हवा के छोटे झोंके दीजिए। फिर रुई की तीली को थोड़े से आइसोप्रोपिल अल्कोहल में भिगोकर ट्रिगर की धुरी के आसपास लगाइए और ट्रिगर को कई बार दबाइए। पूरी तरह सूखने के बाद ही कंट्रोलर चालू कीजिए और धीमे दबाव वाली जाँच फिर चलाइए।
अगर सफ़ाई के बाद भी अधूरी रेंज या झिलमिलाहट बनी रहती है, तो सेंसर या स्प्रिंग बदलने की ज़रूरत है। वारंटी में हो तो कंट्रोलर खोलने से पहले निर्माता से संपर्क कीजिए और नतीजों का स्क्रीनशॉट साथ रखिए।
गेम में ट्रिगर की डेडज़ोन और संवेदनशीलता सेट करना
कई गेम ट्रिगर के लिए भी अलग डेडज़ोन देते हैं। अगर ट्रिगर टेस्ट में आपके ट्रिगर की आराम वाली value 0.0200 है, तो गेम में ट्रिगर की अंदरूनी डेडज़ोन थोड़ी ऊपर रखिए, ताकि बिना दबाए हल्की गैस या हल्का ब्रेक न लगे। अगर पूरा दबाने पर ट्रिगर 0.94 पर रुकता है, तो बाहरी डेडज़ोन से उसे पूरा 1.00 बनाया जा सकता है।
रेसिंग खिलाड़ी अक्सर ट्रिगर के रिस्पॉन्स कर्व को भी बदलते हैं, ताकि शुरुआती दबाव में बारीक नियंत्रण मिले। शूटर खिलाड़ी कई बार उल्टा चाहते हैं: बहुत कम दबाव पर ही पूरा इनपुट, ताकि गोली तेज़ी से चले। दोनों ही मामलों में पहले अपने ट्रिगर की असली रेंज जानना ज़रूरी है, वरना सेटिंग अंदाज़े पर टिकी रहती है।
दोनों ट्रिगर की तुलना और लंबे समय की निगरानी
दाएँ और बाएँ ट्रिगर की रीडिंग को साथ रखकर देखिए। ज़्यादातर गेम में दायाँ ट्रिगर ज़्यादा इस्तेमाल होता है, इसलिए वह आम तौर पर पहले घिसता है। अगर बायाँ 1.0000 तक जाता है लेकिन दायाँ 0.95 पर रुकता है, तो यह शुरुआती घिसावट का संकेत है, भले ही गेम में अभी कोई फ़र्क न दिखे।
हर महीने एक बार दो मिनट का ट्रिगर टेस्ट चलाइए और दोनों ट्रिगर की अधिकतम value कहीं लिख लीजिए। अगर संख्या धीरे-धीरे घटती दिखे, तो सफ़ाई या पुर्ज़ा बदलने की योजना पहले से बनाइए। सेकंड हैंड कंट्रोलर खरीदते समय भी यही दो संख्याएँ सबसे पहले देखनी चाहिए।
तुलना करते समय एक और बात पर ध्यान दीजिए: दोनों ट्रिगर की शुरुआत कहाँ से होती है। अगर बायाँ ट्रिगर 2% दबाव पर ही जवाब देने लगता है जबकि दायाँ 6% के बाद, तो गेम में दोनों का एहसास अलग होगा, भले ही दोनों अंत में 1.0000 तक पहुँचें। रेसिंग गेम में जहाँ एक ट्रिगर गैस और दूसरा ब्रेक है, यह असंतुलन ब्रेकिंग पॉइंट और मोड़ से निकलने की रफ़्तार दोनों को बिगाड़ देता है। ऐसे मामले में गेम की सेटिंग में हर ट्रिगर की डेडज़ोन अलग रखिए, ताकि दोनों बराबर दबाव पर काम करना शुरू करें।
ट्रिगर का ध्यान रखने की छोटी आदतें
ट्रिगर पर सबसे ज़्यादा दबाव तब पड़ता है जब खिलाड़ी गुस्से या उत्साह में उन्हें ज़ोर से नीचे दबाते हैं। पूरी यात्रा के बाद अतिरिक्त ज़ोर से कुछ नहीं मिलता, बल्कि धुरी और स्प्रिंग पर तनाव बढ़ता है। कंट्रोलर को बैग में रखते समय भी ध्यान रखिए कि ट्रिगर पर कोई भारी चीज़ न दबे।
ट्रिगर के किनारों में धूल और खाने के कण सबसे आसानी से जाते हैं, क्योंकि यहाँ खुली दरारें होती हैं। खेलने से पहले हाथ धोना और समय-समय पर हल्की हवा से सफ़ाई ट्रिगर की उम्र काफ़ी बढ़ा सकती है।
प्राइवेसी: ट्रिगर टेस्ट पूरी तरह आपके ब्राउज़र में चलता है
ट्रिगर की सारी रीडिंग आपके डिवाइस पर ब्राउज़र के अंदर बनती और दिखती है। हम कोई इनपुट डेटा सर्वर पर अपलोड नहीं करते, कोई अकाउंट नहीं माँगते और पेज बंद होते ही सब मिट जाता है।
चूँकि जाँच किसी ख़ास ऐप पर निर्भर नहीं, आप उसी कंट्रोलर को Windows, macOS, Linux, ChromeOS या Android पर चलाकर नतीजों की तुलना कर सकते हैं। हर जगह एक जैसी संख्या आए, तो आप भरोसे से कह सकते हैं कि ट्रिगर की हालत हार्डवेयर से जुड़ी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ट्रिगर टेस्ट में पूरा दबाने पर कितनी value आनी चाहिए?
अच्छी हालत में 0.98 से 1.0000 के बीच। 0.92 से 0.97 पर नज़र रखिए। 0.90 से कम पर रुकना अधूरी रेंज है, जिसका असर गेम में पूरी रफ़्तार या पूरे ब्रेक पर पड़ता है।
ट्रिगर की पट्टी नहीं हिलती, पर ट्रिगर काम करता है, क्यों?
कुछ ड्राइवर या ब्राउज़र ट्रिगर को बटन की जगह axis के रूप में भेजते हैं। axes वाले हिस्से में देखिए, वहाँ कोई संख्या बदलती होगी। यह मैपिंग का फ़र्क है, ख़राबी नहीं।
क्या यह टेस्टर DualSense के adaptive trigger जाँचता है?
नहीं। ब्राउज़र का Gamepad API adaptive trigger का प्रतिरोध सेट करने या नापने का कोई मानक तरीका नहीं देता। टेस्टर ट्रिगर की स्थिति वाली value पूरी तरह पढ़ता है, जो गेम में सबसे अहम है।
Switch के ZL और ZR सिर्फ़ 0 या 1 क्यों दिखाते हैं?
क्योंकि Switch Pro Controller और Joy-Con के ZL और ZR डिजिटल ट्रिगर हैं। उनमें बीच की value होती ही नहीं। उन पर सिर्फ़ यह जाँचिए कि वे हर बार साफ़ दबें और छूटें।
Xbox के दोनों ट्रिगर एक साथ दबाने पर value बीच में क्यों आ जाती है?
यह पुराने DirectInput मोड का व्यवहार है, जहाँ LT और RT एक साझा axis पर आते हैं। आधुनिक ब्राउज़र आम तौर पर XInput इस्तेमाल करते हैं, जहाँ दोनों ट्रिगर अलग-अलग पढ़े जाते हैं।
बिना छुए भी ट्रिगर थोड़ा दबा क्यों दिखता है?
स्प्रिंग थककर ट्रिगर को पूरा ऊपर नहीं ला रही हो, अंदर गंदगी फँसी हो या सेंसर का केंद्र खिसका हो। सफ़ाई के बाद दोबारा जाँचिए और गेम में ट्रिगर की डेडज़ोन थोड़ी बढ़ाइए।
क्या ट्रिगर की झिलमिलाहट सफ़ाई से ठीक होती है?
अगर वजह गंदगी है तो अक्सर हाँ। अगर पोटेंशियोमीटर की पटरी घिस चुकी है, तो सफ़ाई का असर थोड़े समय तक रहता है और सेंसर बदलना पड़ता है।
क्या ब्राउज़र में ट्रिगर की वाइब्रेशन भी जाँची जा सकती है?
कुछ Chromium आधारित ब्राउज़र Windows पर Xbox कंट्रोलर के impulse trigger के लिए trigger-rumble प्रभाव समर्थन करते हैं, लेकिन यह हर ब्राउज़र और प्लेटफ़ॉर्म पर नहीं मिलता। सामान्य रंबल की जाँच वाइब्रेशन वाले पेज पर होती है।
ट्रिगर स्टॉप लगाने के बाद क्या जाँचना चाहिए?
स्टॉप लगाने के बाद ट्रिगर को पूरा दबाकर देखिए कि छोटी यात्रा में भी value 1.0000 तक पहुँचती है या नहीं। अगर नहीं, तो गेम में बाहरी डेडज़ोन से कमी पूरी की जा सकती है।
क्या ट्रिगर टेस्ट मेरा कोई डेटा सेव करता है?
नहीं। सारी जाँच ब्राउज़र के अंदर आपके डिवाइस पर होती है। कोई डेटा अपलोड नहीं होता, कोई लॉगिन नहीं चाहिए और पेज बंद करते ही रीडिंग मिट जाती है।