जॉय-कॉन टेस्ट: Nintendo Joy-Con के ड्रिफ्ट और बटन ब्राउज़र में परखें
यह जॉय-कॉन टेस्ट आपके Nintendo Joy-Con को स्विच कंसोल के बिना, सीधे PC, लैपटॉप या Android फ़ोन के ब्राउज़र में जाँचने का आसान तरीका है। दोनों हिस्सों को Bluetooth से जोड़िए, कोई बटन दबाइए और हर स्टिक की X और Y वैल्यू, A, B, X, Y, D-pad की चारों बटन, L, R, ZL, ZR और रेल पर लगे छोटे SL और SR बटन लाइव देखिए। यहाँ आप सबसे बड़ी समस्या, यानी मशहूर Joy-Con ड्रिफ्ट, को संख्या में माप सकते हैं, ताकि मरम्मत या बदलने का फ़ैसला अंदाज़े से नहीं, असली रीडिंग से हो। कुछ भी इंस्टॉल नहीं करना और कोई डेटा आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाता।
अपना कंट्रोलर USB या Bluetooth से जोड़ें, फिर कोई भी बटन दबाएँ
कंट्रोलर नहीं दिख रहा?
- Gamepad API के सबसे अच्छे सपोर्ट के लिए Google Chrome, Microsoft Edge, Brave या Opera इस्तेमाल करें।
- यह पेज खोलने के बाद कोई भी बटन दबाएँ या स्टिक हिलाएँ, ताकि ब्राउज़र गेमपैड को चालू कर सके।
- Firefox में जुड़े हुए कंट्रोलर टैब को तभी दिखते हैं जब आप एक बार कोई बटन दबाते हैं।
- macOS और iOS 16+ पर Bluetooth सेटिंग्स में देखें कि आपका कंट्रोलर पेयर हुआ है या नहीं।
मोशन, टचपैड और बैटरी (PS4 / PS5)
WebHID मोड Sony DualShock 4, DualSense और DualSense Edge को सपोर्ट करता है।
पाँच स्टेप में Joy-Con की जाँच
- स्विच से अलग करके पेयरिंग मोड चालू करें: Joy-Con को कंसोल से निकालिए और रेल पर लगे छोटे गोल सिंक बटन को कुछ सेकंड दबाए रखिए, जब तक हरी LED आगे पीछे न चलने लगें। फिर अपने PC या फ़ोन की Bluetooth सेटिंग्स में Joy-Con (L) या Joy-Con (R) चुनिए। दूसरे हिस्से के लिए यही दोहराइए।
- टेस्टर खोलकर हर हिस्से पर एक बटन दबाएँ: पेज खोलने के बाद बाएँ Joy-Con पर कोई बटन दबाइए, फिर दाएँ पर। ब्राउज़र हर गेमपैड को पहले इनपुट के बाद ही दिखाते हैं। सिस्टम और ब्राउज़र के हिसाब से दोनों हिस्से दो अलग स्लॉट में या एक जुड़े कंट्रोलर के रूप में आ सकते हैं।
- हर बटन बारी बारी से दबाएँ: बाएँ हिस्से पर चारों दिशा बटन, माइनस, L, ZL, कैप्चर और स्टिक क्लिक दबाइए। दाएँ हिस्से पर A, B, X, Y, प्लस, R, ZR, होम और स्टिक क्लिक। आखिर में दोनों रेल पर SL और SR। हर बटन दबाने पर जलना और छोड़ते ही बुझना चाहिए।
- स्टिक छोड़कर ड्रिफ्ट मापें: दोनों स्टिक पूरी तरह छोड़कर पाँच सेकंड का ड्रिफ्ट टेस्ट चलाइए। फिर हर स्टिक को धीरे धीरे किनारे तक ले जाकर कुछ बार गोल घुमाइए। आराम पर बिंदु बीच में शांत रहना चाहिए और किनारे पर टूटे बिना गोला बनना चाहिए।
- वाइब्रेशन देखें और सारांश सेव करें: अगर ब्राउज़र Joy-Con के लिए रंबल की अनुमति देता है, तो टेस्ट बटनों से कंपन चलाइए। फिर कॉपी बटन से नतीजों का छोटा सारांश सेव कीजिए, जिसे वारंटी दावे, रिपेयर दुकान या खरीदार को भेजा जा सकता है।
जॉय-कॉन टेस्ट के नतीजे कैसे समझें
टेस्टर वही दिखाता है जो ब्राउज़र को Joy-Con से मिलता है: बटन दबे या खाली, और स्टिक माइनस एक से प्लस एक तक की संख्या में। Joy-Con के स्टिक छोटे हैं, इसलिए बड़े पैड की तुलना में थोड़ी ज़्यादा हलचल आम है। नीचे की सीमाएँ अनुभव पर आधारित दिशानिर्देश हैं, कोई आधिकारिक मानक नहीं।
| क्या दिखा | सामान्य स्थिति | संभावित कारण | आप क्या करें |
|---|---|---|---|
| छोड़ने पर स्टिक 0.08 से ऊपर | 0.02 से 0.04 के आसपास | स्टिक मॉड्यूल में घिसावट या धूल | कंसोल पर कैलिब्रेट करें, फिर दोबारा जाँचें |
| टेस्टर में दो अलग कंट्रोलर | बाएँ और दाएँ अलग Bluetooth डिवाइस | हर हिस्सा अपने आप में एक पैड है | दोनों स्लॉट अलग अलग जाँचें |
| ZL और ZR सीधे पूरे पर | सिर्फ़ 0 और 1 | डिजिटल बटन, दबाव के स्तर नहीं | कोई खराबी नहीं |
| स्टिक घूमा हुआ लगता है | एक्सिस ब्राउज़र पर निर्भर | अकेला हिस्सा तिरछा पकड़ने के लिए बना | दिशा से नहीं, आराम की वैल्यू से जाँचें |
| SL या SR दर्ज नहीं होता | रेल पर दबाने से जलना चाहिए | स्ट्रैप लगा हो या बटन घिसा | स्ट्रैप हटाकर दोबारा दबाएँ |
| बार बार कनेक्शन टूटता है | कम दूरी पर स्थिर | पास में चालू स्विच या कमज़ोर बैटरी | कंसोल बंद करें, Joy-Con चार्ज करें |
जॉय-कॉन टेस्ट किन चीज़ों की जाँच करता है
Joy-Con स्विच के साथ आने वाले दो छोटे कंट्रोलर हैं, जिन्हें कंसोल के दोनों ओर लगाया जा सकता है, ग्रिप में जोड़ा जा सकता है या अलग अलग दो खिलाड़ी तिरछा पकड़कर इस्तेमाल कर सकते हैं। बाएँ हिस्से में एक स्टिक, चार दिशा बटन, माइनस, कैप्चर, L और ZL है। दाएँ हिस्से में स्टिक, A, B, X, Y, प्लस, होम, R और ZR है। दोनों की रेल पर SL और SR बटन होते हैं।
हमारा टेस्टर W3C Gamepad API से इन सभी बटन और स्टिक को पढ़ता है और किसी गेम के बिना सीधे दिखाता है। इससे आप तुरंत जान लेते हैं कि गड़बड़ी Joy-Con में है या किसी गेम की सेटिंग, एमुलेटर या ड्राइवर में।
Joy-Con की कुछ क्षमताएँ, जैसे मोशन सेंसर, दाएँ हिस्से का IR कैमरा और NFC रीडर, वेबसाइट तक नहीं पहुँचतीं। इसलिए यह जॉय-कॉन टेस्ट बटन, स्टिक और ब्राउज़र सपोर्ट करे तो वाइब्रेशन पर केंद्रित है।
दो हिस्से, दो डिवाइस: ब्राउज़र में Joy-Con कैसे दिखते हैं
हर Joy-Con अपने आप में एक अलग Bluetooth डिवाइस है। इसलिए PC या फ़ोन से जोड़ने पर आम तौर पर दो अलग नाम दिखते हैं, Joy-Con (L) और Joy-Con (R)। कई ब्राउज़र इन्हें दो अलग गेमपैड स्लॉट में दिखाते हैं, जबकि कुछ सिस्टम पर दोनों हिस्से मिलकर एक कंट्रोलर बन सकते हैं।
दोनों तरीकों में जाँच का तरीका एक ही है। जिस स्लॉट में आपके दबाए बटन जलें, वही उस हिस्से का स्लॉट है। अगर सिर्फ़ एक हिस्सा दिखे, तो दूसरे पर कोई बटन दबाइए, क्योंकि ब्राउज़र हर गेमपैड को उसके पहले इनपुट के बाद ही सामने लाता है।
अलग स्लॉट होने का एक फ़ायदा भी है। आप बाएँ और दाएँ स्टिक की आराम वाली वैल्यू की सीधी तुलना कर सकते हैं और तुरंत देख सकते हैं कि ड्रिफ्ट किस हिस्से में है।
USB के बिना पेयरिंग: किन बातों का ध्यान रखें
Joy-Con में अपना कोई USB पोर्ट नहीं है। कंसोल से अलग होने पर इन्हें PC या फ़ोन से जोड़ने का रास्ता सिर्फ़ Bluetooth है। इसलिए जिस कंप्यूटर में Bluetooth नहीं है, वहाँ एक साधारण USB Bluetooth एडैप्टर की ज़रूरत पड़ती है।
पेयरिंग के समय पास में चालू स्विच कंसोल सबसे बड़ी रुकावट है। Joy-Con उससे दोबारा जुड़ने की कोशिश करते हैं और PC का कनेक्शन टूट जाता है। जाँच के दौरान कंसोल को पूरी तरह बंद या एयरप्लेन मोड में रखना बेहतर है।
अगर Joy-Con सिस्टम की सूची में दिखता है लेकिन जुड़ता नहीं, तो पुरानी पेयरिंग हटाइए, सिंक बटन दबाकर फिर से पेयर कीजिए और बैटरी चार्ज होने दीजिए। कम बैटरी पर Bluetooth कनेक्शन अक्सर अस्थिर रहता है।
जॉय-कॉन टेस्ट में ड्रिफ्ट कैसे पकड़ें
Joy-Con ड्रिफ्ट इस कंट्रोलर की सबसे जानी मानी शिकायत है। स्टिक छोड़ने के बाद भी गेम में किरदार चलता रहता है, मेनू में कर्सर अपने आप खिसकता है या कैमरा धीरे धीरे घूमता है। इसकी आम वजह स्टिक मॉड्यूल के अंदर संपर्क का घिसना और धूल का जमना है।
टेस्टर में दोनों स्टिक पूरी तरह छोड़कर X और Y की वैल्यू पढ़िए। लगभग 0.02 से 0.04 तक की हल्की हलचल इस छोटे स्टिक पर आम है। 0.05 से 0.08 तक का खिसकाव शुरुआती ड्रिफ्ट है, और इससे ऊपर की वैल्यू या लगातार उछलती संख्या साफ़ खराबी है।
एक बार में फ़ैसला मत कीजिए। स्टिक को कई बार घुमाकर छोड़िए और हर बार जॉय-कॉन टेस्ट की आराम वाली वैल्यू नोट कीजिए। अगर हर बार वह अलग दिशा में अटकती है, तो मॉड्यूल घिसा है। अगर हमेशा एक ही दिशा में छोटी सी वैल्यू रहती है, तो कंसोल पर कैलिब्रेशन से सुधार हो सकता है।
SL, SR और चार अलग दिशा बटन
SL और SR रेल पर लगे छोटे बटन हैं, जो तब काम आते हैं जब एक अकेला Joy-Con तिरछा पकड़ा जाता है। स्ट्रैप लगाने पर ये बटन बड़े हो जाते हैं और दबाने में आसान। टेस्टर में इन्हें स्ट्रैप के साथ और बिना स्ट्रैप दोनों तरह दबाकर देखिए।
बाएँ Joy-Con पर D-pad जुड़ा हुआ क्रॉस नहीं, बल्कि चार अलग गोल बटन हैं। इसलिए दो पड़ोसी बटन एक साथ दबाकर तिरछी दिशा बनती है। टेस्टर में हर बटन अलग से दबाइए और देखिए कि एक दबाने पर दूसरा न जले।
ZL और ZR: सिर्फ़ चालू या बंद
Joy-Con के ZL और ZR डिजिटल बटन हैं, जिनमें दबाव मापने वाला कोई सेंसर नहीं है। इसलिए टेस्टर में उनकी पट्टी एक झटके में शून्य से पूरी हो जाती है। यह खराबी नहीं, इसी तरह बनाया गया है।
असली खराबी तब है जब बटन दबाने पर कभी दर्ज हो और कभी न हो, या छोड़ने के बाद भी जला रहे। ऐसी स्थिति में जॉय-कॉन टेस्ट में बटन को कई बार धीमे और तेज़ दबाकर देखिए और नतीजा नोट कर लीजिए।
एक्सिस की दिशा और अकेला Joy-Con तिरछा पकड़ना
जब एक Joy-Con को अकेले तिरछा पकड़ा जाता है, तो उसका स्टिक भी नब्बे डिग्री घूम जाता है। कुछ सिस्टम और ब्राउज़र इसके हिसाब से एक्सिस बदल देते हैं, कुछ नहीं बदलते। इसलिए टेस्टर में ऊपर धकेलने पर कभी बिंदु बाएँ या दाएँ भी जा सकता है।
इससे घबराइए नहीं। ड्रिफ्ट की जाँच में दिशा का नाम नहीं, आराम की वैल्यू मायने रखती है। स्टिक छोड़ने पर दोनों एक्सिस शून्य के पास लौटें, यही सबसे ज़रूरी बात है।
मोशन सेंसर, IR कैमरा और NFC
दोनों Joy-Con में एक्सेलेरोमीटर और जायरोस्कोप हैं, और दाएँ हिस्से में IR मोशन कैमरा और amiibo के लिए NFC रीडर भी है। Gamepad API इनमें से किसी को वेबसाइट तक नहीं पहुँचाता, इसलिए टेस्टर में ये हिस्से खाली रहते हैं।
हमारा WebHID वाला हिस्सा सिर्फ़ Sony के DualShock 4, DualSense और DualSense Edge के लिए है। Joy-Con के मोशन और NFC की जाँच के लिए कंसोल पर कोई मोशन वाला गेम या सेटिंग्स का कंट्रोलर सेक्शन ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।
HD Rumble ब्राउज़र में
Joy-Con का HD Rumble बहुत बारीक कंपन बना सकता है, लेकिन ब्राउज़र उसका सिर्फ़ एक सीमित रूप इस्तेमाल करते हैं। कुछ ब्राउज़र Nintendo कंट्रोलर के लिए वाइब्रेशन देते हैं और कुछ बिल्कुल नहीं।
अगर जॉय-कॉन टेस्ट के रंबल बटन दबाने पर कंपन न हो, तो दूसरा ब्राउज़र आज़माइए। फिर भी कुछ न हो, तो कंसोल पर रंबल जाँचिए। वेबसाइट पर कंपन का न होना अपने आप में मोटर की खराबी का सबूत नहीं है।
PC गेम और एमुलेटर में Joy-Con
PC पर Joy-Con इस्तेमाल करने वाले अक्सर किसी गेम क्लाइंट या रीमैपिंग प्रोग्राम की मदद लेते हैं, जो दोनों हिस्सों को मिलाकर एक पूरा पैड बना देता है। ऐसे सेटअप में बटन दो बार दर्ज होना या स्टिक की दिशा उलटी होना आम है।
ऐसी कोई गड़बड़ी दिखे तो पहले वह प्रोग्राम बंद कीजिए और जॉय-कॉन टेस्ट दोबारा चलाइए। अगर यहाँ सब ठीक है, तो दिक्कत सॉफ़्टवेयर सेटिंग में है। अगर यहाँ भी वही गलती दिखे, तो वह Joy-Con के हार्डवेयर में है।
एमुलेटर में बटन बाँधने से पहले टेस्टर में देख लीजिए कि ब्राउज़र किस बटन को कौन सा नंबर देता है। इससे बाद में सेटिंग्स दोबारा बनाने की मेहनत बचती है।
सेकंड हैंड Joy-Con खरीदने से पहले की जाँच
पुराने Joy-Con बहुत सस्ते मिलते हैं, लेकिन उनमें ड्रिफ्ट की संभावना भी ज़्यादा होती है। खरीदने से पहले विक्रेता से कहिए कि दोनों हिस्से फ़ोन या लैपटॉप से जोड़कर यह पेज खोले।
नीचे की सूची हर हिस्से के लिए अलग से देखिए। पूरा जॉय-कॉन टेस्ट पाँच मिनट से भी कम में हो जाता है।
- दोनों स्टिक छोड़कर ड्रिफ्ट टेस्ट चलाएँ
- स्टिक को किनारे पर गोल घुमाकर देखें
- चारों दिशा बटन अलग अलग दबाएँ
- A, B, X, Y, प्लस और माइनस जाँचें
- L, R, ZL और ZR दबाएँ
- दोनों रेल पर SL और SR दबाएँ
- दोनों स्टिक को अंदर दबाकर क्लिक कराएँ
फ़ोन, टैबलेट और Mac पर जॉय-कॉन टेस्ट
Android फ़ोन पर Joy-Con आम तौर पर Bluetooth से जुड़ जाते हैं और Chrome उन्हें पढ़ लेता है। नए iOS, iPadOS और macOS संस्करण भी Joy-Con को सपोर्ट करते हैं, हालाँकि बटन का क्रम और दोनों हिस्सों का साथ दिखना वहाँ अलग हो सकता है।
अगर किसी डिवाइस पर Joy-Con न दिखे, तो वही जाँच Windows PC पर दोहराइए। इससे पता चल जाता है कि दिक्कत Joy-Con में है या उस डिवाइस के Bluetooth सपोर्ट में।
प्राइवेसी: सब कुछ आपके डिवाइस पर
पूरा जॉय-कॉन टेस्ट आपके ब्राउज़र के भीतर होता है। बटन और स्टिक की कोई वैल्यू सर्वर तक नहीं जाती, कोई रिकॉर्डिंग नहीं बनती और पेज बंद करते ही सारी रीडिंग खत्म हो जाती है।
कॉपी किया गया सारांश सिर्फ़ आपके क्लिपबोर्ड में जाता है, और उसे आगे भेजना या न भेजना आपका फ़ैसला है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या स्विच के बिना Joy-Con जाँचे जा सकते हैं?
हाँ। Joy-Con को कंसोल से अलग करके सिंक बटन से पेयरिंग मोड चालू कीजिए और PC, Mac या Android फ़ोन से Bluetooth पर जोड़िए। फिर यह पेज खोलिए। बटन और स्टिक की जाँच के लिए कंसोल की ज़रूरत नहीं पड़ती।
टेस्टर में दो कंट्रोलर क्यों दिखते हैं?
हर Joy-Con एक अलग Bluetooth डिवाइस है, इसलिए ब्राउज़र आम तौर पर बाएँ और दाएँ हिस्से को दो अलग स्लॉट में दिखाता है। कुछ सिस्टम पर दोनों मिलकर एक कंट्रोलर बन सकते हैं। दोनों स्थितियाँ सामान्य हैं।
क्या Joy-Con को USB केबल से जोड़ सकते हैं?
नहीं। Joy-Con में अपना USB पोर्ट नहीं है। कंसोल से अलग होने पर वे सिर्फ़ Bluetooth से जुड़ते हैं। अगर कंप्यूटर में Bluetooth नहीं है, तो एक USB Bluetooth एडैप्टर लगाइए।
जॉय-कॉन टेस्ट से ड्रिफ्ट कैसे पहचानें?
दोनों स्टिक छोड़कर पाँच सेकंड का ड्रिफ्ट टेस्ट चलाइए। अगर आराम पर X या Y की वैल्यू 0.08 से ऊपर रहे या लगातार बदलती रहे, तो ड्रिफ्ट है। स्टिक को कई बार घुमाकर छोड़िए और देखिए कि वैल्यू हर बार एक जैसी है या बदलती है।
गायरो की वैल्यू क्यों नहीं दिखती?
Gamepad API मोशन सेंसर का डेटा वेबसाइट तक नहीं पहुँचाता, और हमारा WebHID मोड सिर्फ़ Sony के DualShock 4, DualSense और DualSense Edge के लिए है। Joy-Con के मोशन की जाँच कंसोल पर मोशन वाले किसी गेम में कीजिए।
ZL और ZR में बीच की वैल्यू क्यों नहीं आती?
Joy-Con के ZL और ZR डिजिटल बटन हैं, जो सिर्फ़ खाली या पूरा दबा हुआ भेजते हैं। उनमें दबाव मापने वाला सेंसर नहीं है। इसलिए टेस्टर में वे 0 या 1 ही दिखाते हैं, और यह सामान्य है।
टेस्टर में स्टिक घूमा हुआ क्यों लगता है?
अकेला Joy-Con तिरछा पकड़ने के लिए भी बना है, और कुछ ब्राउज़र एक्सिस को उसी के हिसाब से दिखाते हैं। इसलिए ऊपर धकेलने पर बिंदु बगल में जा सकता है। यह खराबी नहीं है। ड्रिफ्ट की जाँच में आराम की वैल्यू पर ध्यान दीजिए।
Joy-Con बार बार स्विच से जुड़ जाता है, क्या करें?
पास में चालू स्विच कंसोल Joy-Con को अपनी ओर खींच लेता है। जाँच के दौरान कंसोल को पूरी तरह बंद या एयरप्लेन मोड में रखिए, फिर Joy-Con का सिंक बटन दबाकर उसे PC या फ़ोन से दोबारा पेयर कीजिए।
क्या यह जाँच iPhone पर काम करती है?
नए iOS संस्करण Joy-Con को Bluetooth से पहचानते हैं और Safari में Gamepad API उपलब्ध है, इसलिए बुनियादी जाँच हो सकती है। बटन का क्रम और दोनों हिस्सों का साथ दिखना वहाँ अलग हो सकता है। पक्के नतीजे के लिए PC पर भी जाँचिए।
क्या जाँच के दौरान कोई डेटा सेव होता है?
नहीं। सारा काम आपके ब्राउज़र में होता है और कोई इनपुट सर्वर तक नहीं भेजा जाता। पेज बंद करते ही रीडिंग मिट जाती है। सारांश सिर्फ़ तब बनता है जब आप खुद कॉपी बटन दबाते हैं।
कंट्रोलर जाँच के दूसरे टूल और गाइड
खास हार्डवेयर टेस्ट
- स्टिक ड्रिफ्ट टेस्ट: एनालॉग स्टिक का खिसकाव दशमलव तक नापें
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- ब्लूटूथ कंट्रोलर टेस्ट: वायरलेस गेमपैड का सिग्नल, रेंज और देरी जाँचें