कंट्रोलर बटन टेस्ट: हर बटन, D-pad और स्टिक क्लिक की लाइव जाँच

यह मुफ़्त कंट्रोलर बटन टेस्ट आपके पैड के हर डिजिटल बटन को ब्राउज़र में एक-एक करके दिखाता है, ताकि आप तुरंत देख सकें कि कौन सा बटन जवाब दे रहा है, कौन सा अटक रहा है और कौन सा एक बार दबाने पर दो बार रजिस्टर हो रहा है। A, B, X, Y या क्रॉस, सर्कल, स्क्वेयर, ट्रायंगल, चारों D-pad दिशाएँ, LB और RB, L3 और R3 वाले स्टिक क्लिक, और Start, Select या Share जैसे मेन्यू बटन, सब एक ही स्क्रीन पर रोशन होते हैं। कंट्रोलर को USB या Bluetooth से जोड़िए, कोई भी बटन दबाइए और जाँच शुरू हो जाती है, बिना किसी ऐप या ड्राइवर के।

कंट्रोलर बटन टेस्ट का डायग्राम जिसमें फ़ेस बटन, D-pad, बम्पर और स्टिक क्लिक के मानक इंडेक्स दिखाए गए हैं

अपना कंट्रोलर USB या Bluetooth से जोड़ें, फिर कोई भी बटन दबाएँ

USB Bluetooth
कंट्रोलर नहीं दिख रहा?
  • Gamepad API के सबसे अच्छे सपोर्ट के लिए Google Chrome, Microsoft Edge, Brave या Opera इस्तेमाल करें।
  • यह पेज खोलने के बाद कोई भी बटन दबाएँ या स्टिक हिलाएँ, ताकि ब्राउज़र गेमपैड को चालू कर सके।
  • Firefox में जुड़े हुए कंट्रोलर टैब को तभी दिखते हैं जब आप एक बार कोई बटन दबाते हैं।
  • macOS और iOS 16+ पर Bluetooth सेटिंग्स में देखें कि आपका कंट्रोलर पेयर हुआ है या नहीं।
बटन के अंदर रबर मैट, कार्बन पैड और सर्किट बोर्ड की पटरियों का क्रॉस सेक्शन, डबल क्लिक की वजह समझाते हुए

मोशन, टचपैड और बैटरी (PS4 / PS5)

WebHID मोड Sony DualShock 4, DualSense और DualSense Edge को सपोर्ट करता है।

कंट्रोलर बटन टेस्ट पाँच स्टेप में कैसे चलाएँ

  1. कंट्रोलर जोड़ें और पेज खुला रखें: डेटा वाली USB केबल से या Bluetooth पेयरिंग से कंट्रोलर को अपने PC, Mac, लैपटॉप या Android फ़ोन से जोड़ें। पेज को फ़ोकस में रखें, क्योंकि कई ब्राउज़र बैकग्राउंड टैब में कंट्रोलर का डेटा भेजना रोक देते हैं।
  2. पहला बटन दबाकर पहचान शुरू करें: कोई भी फ़ेस बटन दबाते ही ब्राउज़र कंट्रोलर को पेज के सामने लाता है। ऊपर कंट्रोलर का नाम और मैपिंग का प्रकार दिखता है, जिससे पता चलता है कि बटनों का क्रम मानक लेआउट में है या नहीं।
  3. फ़ेस बटन और D-pad एक-एक करके दबाएँ: हर बटन को अलग से दबाएँ और देखें कि स्क्रीन पर वही बटन रोशन हो, कोई दूसरा नहीं। D-pad में चारों दिशाओं के साथ तिरछी दिशाएँ भी आज़माएँ, क्योंकि घिसे D-pad में अक्सर एक कोना ठीक से नहीं दबता।
  4. बम्पर, स्टिक क्लिक और मेन्यू बटन जाँचें: LB और RB या L1 और R1 को कई बार तेज़ी से दबाएँ, फिर दोनों स्टिक को नीचे दबाकर L3 और R3 चेक करें। आख़िर में Start, Select, Share, Options और होम बटन दबाएँ, हालाँकि कुछ सिस्टम होम बटन को खुद पकड़ लेते हैं।
  5. तेज़ टैपिंग और लंबे होल्ड से गड़बड़ी पकड़ें: हर बटन को दस बार जल्दी-जल्दी टैप करें और काउंटर देखें कि गिनती दस ही आई या ज़्यादा। फिर बटन को पाँच सेकंड दबाए रखें। बीच में वैल्यू गिरना या झिलमिलाना ढीले संपर्क या घिसी रबर मैट का संकेत है।

कंट्रोलर बटन टेस्ट के नतीजे: स्क्रीन पर दिख रही वैल्यू का मतलब

डिजिटल बटन W3C Gamepad API में दो चीज़ें भेजता है: pressed नाम का सच या झूठ वाला फ़्लैग और 0 से 1 के बीच एक value। साधारण बटन के लिए value लगभग हमेशा 0.00 या 1.00 होती है। नीचे की टेबल बताती है कि कौन सा व्यवहार सामान्य है और कब कंट्रोलर को सफ़ाई या मरम्मत की ज़रूरत है। ये सीमाएँ व्यावहारिक अनुभव पर आधारित हैं, किसी निर्माता का आधिकारिक मानक नहीं।

क्या देखा गयासामान्य व्यवहारचेतावनी का संकेतगंभीर समस्या
दबाने पर value0.00 से सीधे 1.001.00 तक पहुँचने के लिए ज़्यादा ज़ोर लगाना पड़ेपूरा दबाने पर भी 0.00 बनी रहे
दस बार टैप करने पर गिनतीठीक 10कभी-कभार 11, ख़ासकर तेज़ टैप परहर बार 12 से ज़्यादा, साफ़ डबल क्लिक
पाँच सेकंड होल्डपूरे समय 1.00 स्थिरएक-दो बार पल भर के लिए गिरावटलगातार 0 और 1 के बीच झिलमिलाहट
छोड़ने के बादतुरंत 0.00बटन ऊपर आने में देर, चिपचिपा एहसासछोड़ने पर भी pressed बना रहे
D-pad तिरछी दिशादोनों दिशाएँ एक साथ रोशनएक कोने में ज़्यादा दबाव चाहिएकोई एक दिशा बिल्कुल न आए
बिना छुएकोई बटन रोशन नहींकंट्रोलर हिलाने पर एक बटन टिमटिमाएअपने आप बार-बार इनपुट, यानी घोस्ट इनपुट

कंट्रोलर बटन टेस्ट क्यों ज़रूरी है: छोटा बटन, बड़ा असर

गेम में हार अक्सर किसी बड़ी गलती से नहीं बल्कि एक ऐसे बटन से होती है जो ठीक वक़्त पर जवाब नहीं देता। फ़ाइटिंग गेम में कॉम्बो का आख़िरी इनपुट गायब हो जाना, शूटर में रीलोड बटन का दो बार दब जाना या रेसिंग गेम में गियर बटन का बीच में अटक जाना, ये सब बाहर से खिलाड़ी की गलती लगती है, जबकि असल वजह कंट्रोलर के अंदर का घिसा हुआ संपर्क होता है। कंसोल या गेम आपको यह कभी नहीं बताते कि बटन ने असल में क्या भेजा।

एक अच्छा कंट्रोलर बटन टेस्ट इसी अंधेरे को हटाता है। स्क्रीन पर हर बटन का अलग खाना होता है, जो दबाने पर रोशन होता है और छोड़ने पर बुझ जाता है। साथ में दबाने की गिनती और value भी दिखती है। इससे आप अंदाज़े की जगह सबूत के आधार पर तय कर सकते हैं कि समस्या कंट्रोलर में है, केबल में, गेम की मैपिंग में या आपकी अपनी आदत में।

यह जाँच ख़ासकर तब काम आती है जब आप पुराना कंट्रोलर बेचने या सेकंड हैंड पैड खरीदने वाले हों। दो मिनट की जाँच से दोनों पक्षों को साफ़ पता चल जाता है कि हर बटन ठीक है, और बाद में किसी बहस की गुंजाइश नहीं रहती।

ब्राउज़र बटनों को कैसे पढ़ता है: Gamepad API का मानक लेआउट

हमारा टेस्टर W3C Gamepad API पर चलता है, जो Chrome, Edge, Firefox, Safari और Opera जैसे आधुनिक ब्राउज़रों में पहले से मौजूद है। जब कंट्रोलर standard mapping में पहचाना जाता है, तो बटनों का एक तय क्रम होता है: इंडेक्स 0 से 3 तक चार फ़ेस बटन, 4 और 5 पर बम्पर, 6 और 7 पर ट्रिगर, 8 और 9 पर Select और Start जैसे बटन, 10 और 11 पर स्टिक क्लिक, 12 से 15 तक D-pad और 16 पर होम बटन। इस तरह कुल 17 मानक बटन बनते हैं।

कुछ कंट्रोलर इससे ज़्यादा बटन भेजते हैं। उदाहरण के लिए Sony के DualShock 4 और DualSense पर टचपैड क्लिक कई ब्राउज़रों में अतिरिक्त इंडेक्स पर दिखता है। अगर आपका पैड standard mapping में नहीं आता, तो ब्राउज़र बटनों को उसी क्रम में दिखाता है जिसमें ड्राइवर उन्हें भेजता है, और तब स्क्रीन पर नाम ग़लत लग सकते हैं, भले ही बटन ठीक काम कर रहा हो।

इसलिए नतीजे पढ़ते समय सिर्फ़ यह मत देखिए कि किस नाम वाला खाना रोशन हुआ, बल्कि यह देखिए कि हर भौतिक बटन से कोई न कोई एक ही खाना रोशन हो। अगर हर बटन अलग खाने से जुड़ा है और किसी से दो खाने नहीं जलते, तो हार्डवेयर ठीक है और गड़बड़ी सिर्फ़ मैपिंग की है।

बटन के अंदर क्या होता है: रबर मैट, कार्बन पैड और माइक्रोस्विच

ज़्यादातर कंट्रोलर के फ़ेस बटन के नीचे एक रबर की झिल्ली होती है, जिसके नीचे कार्बन या चालक परत वाला छोटा पैड लगा होता है। बटन दबाने पर यह पैड सर्किट बोर्ड की दो पटरियों को जोड़ देता है और सिग्नल बन जाता है। लाखों बार दबने के बाद रबर ढीली पड़ जाती है और कार्बन परत घिस जाती है, जिससे बटन को पहले से ज़्यादा ज़ोर से दबाना पड़ता है या वह बीच-बीच में जवाब नहीं देता।

बम्पर, कुछ D-pad और कई नए प्रो कंट्रोलर में रबर की जगह माइक्रोस्विच होते हैं, जो दबने पर साफ़ क्लिक की आवाज़ करते हैं। ये तेज़ और सटीक होते हैं, लेकिन उनकी अपनी कमज़ोरी है: अंदर का धातु वाला संपर्क एक बार दबाने पर कुछ मिलीसेकंड तक उछल सकता है। आम तौर पर फ़र्मवेयर इस उछाल को छाँट देता है, पर घिसा हुआ स्विच कभी-कभी इतना उछलता है कि एक दबाव दो क्लिक बन जाता है।

स्टिक क्लिक यानी L3 और R3 सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ होने वाले बटन हैं। ये स्टिक के नीचे लगे छोटे स्विच होते हैं और स्टिक हिलाते समय भी उन पर दबाव पड़ता रहता है, इसलिए दौड़ने या झुकने के लिए इनका इस्तेमाल करने वाले गेम में ये जल्दी थकते हैं।

डबल क्लिक और घोस्ट इनपुट: सबसे आम बटन समस्याएँ

डबल क्लिक, जिसे चैटर भी कहते हैं, तब होता है जब एक बार दबाने पर कंट्रोलर दो या उससे ज़्यादा दबाव भेज दे। मेन्यू में यह एक साथ दो विकल्प पार कर जाने जैसा दिखता है और गेम में दो बार कूदने या दो गोलियाँ चलने जैसा। इसे पकड़ने का सबसे भरोसेमंद तरीका टैप काउंटर है: दस बार गिनकर दबाइए और देखिए कि स्क्रीन पर गिनती कितनी आई।

घोस्ट इनपुट इसका उल्टा है, जब बिना छुए कोई बटन अपने आप दबा हुआ दिखे। इसकी वजहें अक्सर नमी, अंदर गिरा कोई चिपचिपा पेय, टूटी हुई रिबन केबल या सर्किट बोर्ड पर दरार होती हैं। कंट्रोलर को मेज़ पर रखकर तीस सेकंड देखिए, फिर उसे हल्का मोड़िए या हिलाइए। अगर हिलाने पर ही कोई खाना टिमटिमाता है, तो लगभग तय है कि कहीं ढीला संपर्क है।

  • एक बार दबाने पर गिनती दो बढ़े: माइक्रोस्विच या संपर्क का उछाल
  • ज़ोर से दबाने पर ही रिस्पॉन्स: घिसी कार्बन परत
  • छोड़ने के बाद भी दबा हुआ दिखे: चिपकी रबर या गंदगी
  • हिलाने पर टिमटिमाहट: ढीली केबल या टूटा सोल्डर
  • दो बटन एक साथ रोशन: शॉर्ट सर्किट या नमी

D-pad की जाँच: चार दिशाएँ, चार कोने और तिरछे इनपुट

D-pad दिखने में एक टुकड़ा है, लेकिन अंदर से यह चार अलग बटन हैं जो एक धुरी पर टिके रहते हैं। ऊपर, नीचे, बाएँ और दाएँ को अलग-अलग दबाइए, फिर ऊपर-दाएँ और नीचे-बाएँ जैसी तिरछी दिशाएँ आज़माइए। सही D-pad में तिरछा दबाने पर दोनों पड़ोसी खाने एक साथ रोशन होते हैं, जबकि घिसे या टेढ़े D-pad में एक दिशा अक्सर छूट जाती है।

फ़ाइटिंग गेम और पुराने प्लेटफ़ॉर्मर खेलने वालों के लिए दूसरी समस्या उल्टी है: जब आप सिर्फ़ नीचे दबाना चाहते हैं तब भी बगल वाली दिशा हल्की सी रजिस्टर हो जाती है। स्क्रीन पर यह एक पल के लिए दूसरे खाने के जलने जैसा दिखता है। अगर हर बार ऐसा होता है, तो D-pad की धुरी या नीचे का रबर पैड असमान रूप से घिस चुका है।

Xbox और कई दूसरे कंट्रोलर में D-pad बटनों के रूप में आता है, लेकिन कुछ पुराने या जेनेरिक पैड उसे एक axis या hat switch के रूप में भेजते हैं। ऐसे में बटन वाले खाने नहीं जलते और बदलाव axis वाले हिस्से में दिखता है। यह गड़बड़ी नहीं बल्कि ड्राइवर का तरीका है।

बम्पर, स्टिक क्लिक और मेन्यू बटन पर ख़ास ध्यान

LB और RB या L1 और R1 कंट्रोलर के किनारे पर होते हैं और उन पर उँगली का दबाव अक्सर तिरछा पड़ता है। इसलिए इन्हें बीच में, बाहरी कोने पर और अंदरूनी कोने पर अलग-अलग दबाकर देखिए। कई कंट्रोलर में बम्पर एक तरफ़ से तो साफ़ क्लिक करता है लेकिन दूसरी तरफ़ से दबाने पर जवाब नहीं देता, जो टूटी धुरी या ढीले स्विच का संकेत है।

स्टिक क्लिक जाँचते समय स्टिक को बिल्कुल सीधा नीचे दबाइए और फिर अलग-अलग दिशाओं में झुकाकर दबाइए। अगर किसी ख़ास कोण पर क्लिक रजिस्टर नहीं होता, तो स्टिक के नीचे का स्विच अपनी जगह से हट गया है। साथ ही देखिए कि स्टिक को सिर्फ़ ज़ोर से घुमाने पर L3 या R3 अपने आप तो नहीं दब रहा।

होम बटन, यानी PS बटन, Xbox बटन या Switch का होम बटन, ख़ास मामला है। Windows पर Game Bar या Steam जैसे प्रोग्राम इसे खुद पकड़ लेते हैं, इसलिए ब्राउज़र तक इसका सिग्नल न पहुँचे तो इसे ख़राबी मत मानिए। ऐसे प्रोग्राम बंद करके दोबारा जाँचिए।

PS5, Xbox, Switch और PC पैड पर कंट्रोलर बटन टेस्ट में फ़र्क

Sony DualSense और DualShock 4 पर फ़ेस बटन क्रॉस, सर्कल, स्क्वेयर और ट्रायंगल कहलाते हैं और standard mapping में ये क्रमशः इंडेक्स 0, 1, 2 और 3 पर आते हैं। Create या Share और Options बटन 8 और 9 पर दिखते हैं। Xbox Series X|S और Xbox One कंट्रोलर में यही जगह A, B, X और Y की है, और View और Menu बटन 8 और 9 पर आते हैं। Xbox Series कंट्रोलर का अलग Share बटन हर ब्राउज़र में नहीं दिखता।

Nintendo Switch Pro Controller पर अक्षरों की जगह उलटी है: दाईं तरफ़ A और नीचे B होता है। इसलिए ब्राउज़र भौतिक जगह के हिसाब से नीचे वाले बटन को इंडेक्स 0 मान सकता है, जबकि उस पर B लिखा है। Joy-Con अकेले इस्तेमाल करने पर और भी कम बटन भेजते हैं। 8BitDo जैसे पैड अलग-अलग मोड में अलग पहचान बनाते हैं, जिससे बटनों का क्रम बदल सकता है।

सस्ते जेनेरिक USB पैड अक्सर DirectInput मोड में आते हैं और ब्राउज़र उन्हें standard mapping नहीं दे पाता। तब बटन सही काम करते हुए भी उलटे क्रम में दिख सकते हैं। ऐसे पैड पर कोई X-input या मोड स्विच हो तो उसे बदलकर दोबारा कंट्रोलर बटन टेस्ट चलाइए।

कंट्रोलर बटन टेस्ट में गड़बड़ी दिखे तो पहले ये जाँचें

हर रोशन न होने वाला बटन ख़राब नहीं होता। सबसे पहले यह पक्का कीजिए कि पेज वाला टैब सामने है और कोई दूसरा प्रोग्राम कंट्रोलर को अकेले अपने कब्ज़े में नहीं रख रहा। फिर दूसरी USB केबल या दूसरा पोर्ट आज़माइए। Bluetooth पर हैं तो कंट्रोलर को एक बार अनपेयर करके फिर जोड़िए, क्योंकि पुराना कनेक्शन कभी-कभी आधे बटन ही भेजता है।

दूसरा कदम ब्राउज़र बदलना है। अगर Chrome में एक बटन नहीं दिखता लेकिन Firefox या Edge में ठीक दिखता है, तो समस्या मैपिंग या ड्राइवर की है, हार्डवेयर की नहीं। अगर हर ब्राउज़र और हर कंप्यूटर पर वही एक बटन चुप रहता है, तब बात कंट्रोलर के अंदर की है और सफ़ाई या पुर्ज़ा बदलने की ओर बढ़ना चाहिए।

  • टैब को फ़ोकस में रखें और दूसरे गेमिंग प्रोग्राम बंद करें
  • डेटा वाली दूसरी केबल और दूसरा USB पोर्ट आज़माएँ
  • Bluetooth पर अनपेयर करके दोबारा पेयर करें
  • दूसरे ब्राउज़र या दूसरे डिवाइस पर वही जाँच दोहराएँ
  • कंट्रोलर का फ़र्मवेयर उसके आधिकारिक ऐप या कंसोल से अपडेट करें

अटके या चिपचिपे बटन की सफ़ाई कैसे करें

अगर बटन चिपचिपा लगता है या दबने के बाद धीरे ऊपर आता है, तो अक्सर किनारे पर जमी गंदगी या कोई सूखा पेय वजह होता है। कंट्रोलर बंद कीजिए, केबल निकालिए और रुई की तीली को थोड़े से आइसोप्रोपिल अल्कोहल में भिगोकर बटन के चारों ओर की दरार में घुमाइए, फिर बटन को कई बार दबाइए ताकि अल्कोहल अंदर तक पहुँचे। पूरा सूखने के बाद ही कंट्रोलर चालू कीजिए।

कंप्रेस्ड हवा भी बटनों के किनारे से धूल निकालने में मदद करती है, लेकिन उसे बहुत पास से या उलटे कैन से मत चलाइए, क्योंकि उसमें से तरल निकल सकता है। सफ़ाई के बाद तुरंत टैप काउंटर और होल्ड वाली जाँच दोबारा चलाइए, ताकि पता चले कि सुधार हुआ या नहीं।

अगर इसके बाद भी डबल क्लिक या घोस्ट इनपुट बना रहता है, तो अंदरूनी मरम्मत की ज़रूरत है, जैसे रबर मैट या माइक्रोस्विच बदलना। वारंटी चल रही हो तो कंट्रोलर खोलने से पहले निर्माता से संपर्क कीजिए, क्योंकि खोलने पर वारंटी ख़त्म हो सकती है।

नया या सेकंड हैंड कंट्रोलर खरीदते समय बटन टेस्ट

पुराना पैड खरीदते समय विक्रेता से कहिए कि वह आपके फ़ोन या लैपटॉप पर कंट्रोलर जोड़ने दे। Android पर Chrome में यही पेज खोलकर USB OTG या Bluetooth से कंट्रोलर जोड़ा जा सकता है। हर बटन को एक बार दबाइए, फिर दस-दस बार टैप कीजिए और आख़िर में D-pad के कोने। पूरी प्रक्रिया पाँच मिनट से कम लेती है।

नए कंट्रोलर के लिए भी पहली जाँच उपयोगी है। फ़ैक्टरी में भी कभी-कभार कोई बटन ढीला या टेढ़ा लग जाता है, और लौटाने की समय सीमा के अंदर उसे पकड़ लेना बाद की परेशानी से बचाता है। जाँच के नतीजों का स्क्रीनशॉट रखिए, ताकि वारंटी या रिटर्न की बात करते समय आपके पास सबूत हो।

प्राइवेसी: कंट्रोलर बटन टेस्ट आपका डेटा कहीं नहीं भेजता

पूरी जाँच आपके ब्राउज़र के अंदर होती है। कंट्रोलर से आने वाले बटन और axis की वैल्यू पेज की JavaScript पढ़ती है और वहीं स्क्रीन पर दिखा देती है। कोई इनपुट डेटा हमारे सर्वर पर अपलोड नहीं होता, कोई अकाउंट नहीं बनता और कंट्रोलर का सीरियल नंबर या कोई पहचान वाली जानकारी इकट्ठा नहीं की जाती।

W3C Gamepad API ख़ुद भी प्राइवेसी को ध्यान में रखकर बना है: कोई वेबसाइट तब तक कंट्रोलर नहीं देख सकती जब तक आप उस पेज पर कोई बटन न दबाएँ। इसीलिए जाँच शुरू करने के लिए पहला बटन दबाना ज़रूरी है। पेज बंद करते ही सारी रीडिंग मिट जाती है।

आधिकारिक हार्डवेयर स्पेसिफ़िकेशन: MDN GamepadButton Interface Documentation

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कंट्रोलर बटन टेस्ट चलाने के लिए क्या कोई सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करना पड़ता है?

नहीं। जाँच पूरी तरह ब्राउज़र में चलती है। आपको सिर्फ़ Chrome, Edge, Firefox या Safari जैसा आधुनिक ब्राउज़र और कंट्रोलर जोड़ने के लिए डेटा वाली USB केबल या Bluetooth चाहिए।

कंट्रोलर जोड़ने के बाद भी कुछ नहीं दिख रहा, क्यों?

प्राइवेसी नियम की वजह से ब्राउज़र कंट्रोलर को तभी दिखाता है जब आप पेज खुला रहते हुए कोई बटन दबाएँ। एक फ़ेस बटन दबाइए। फिर भी न दिखे तो केबल बदलिए, क्योंकि कई केबल सिर्फ़ चार्जिंग करती हैं।

स्क्रीन पर बटन का नाम ग़लत दिख रहा है, क्या कंट्रोलर ख़राब है?

ज़रूरी नहीं। अगर कंट्रोलर standard mapping में नहीं पहचाना गया, तो ब्राउज़र बटनों को ड्राइवर के क्रम में दिखाता है। जब तक हर भौतिक बटन से एक अलग खाना रोशन होता है, हार्डवेयर ठीक है।

डबल क्लिक को कैसे पक्का करें?

एक बटन को गिनकर दस बार सामान्य गति से दबाइए और टैप काउंटर देखिए। अगर गिनती बार-बार दस से ज़्यादा आती है, तो संपर्क उछल रहा है। एक-दो बार का फ़र्क बहुत तेज़ टैपिंग से भी हो सकता है, इसलिए जाँच दोहराइए।

होम बटन या PS बटन दबाने पर कुछ नहीं होता, क्यों?

Windows पर Game Bar, Steam या कंसोल ऐप जैसे प्रोग्राम होम बटन को खुद पकड़ लेते हैं, और कुछ ब्राउज़र इसे पेज तक भेजते ही नहीं। ऐसे प्रोग्राम बंद करके या दूसरे ब्राउज़र में जाँचिए।

क्या यह जाँच मोबाइल फ़ोन पर भी चलती है?

हाँ, Android पर Chrome में कंट्रोलर को Bluetooth या USB OTG एडैप्टर से जोड़कर जाँच की जा सकती है। iPhone और iPad पर Safari भी समर्थित कंट्रोलर पढ़ता है, हालाँकि वहाँ कुछ बटन सिस्टम के लिए आरक्षित हो सकते हैं।

D-pad के बटन क्यों नहीं जल रहे जबकि D-pad काम करता है?

कुछ पुराने या जेनेरिक पैड D-pad को बटन के बजाय एक axis या hat switch के रूप में भेजते हैं। ऐसे में बदलाव axis वाले हिस्से में दिखता है। यह ड्राइवर का तरीका है, ख़राबी नहीं।

बटन की value 0.50 जैसी बीच की संख्या क्यों दिखा रही है?

साधारण डिजिटल बटन 0 या 1 भेजते हैं। बीच की value आम तौर पर एनालॉग ट्रिगर या प्रेशर सेंसिटिव बटन में आती है, जैसे पुराने PS3 कंट्रोलर में। डिजिटल बटन पर बीच की value दिखे तो संपर्क कमज़ोर हो सकता है।

क्या सफ़ाई से डबल क्लिक ठीक हो सकता है?

कभी-कभी हाँ, अगर वजह गंदगी या चिपचिपाहट है। आइसोप्रोपिल अल्कोहल और रुई की तीली से बटन के किनारे साफ़ कीजिए। घिसे माइक्रोस्विच या कार्बन पैड में सफ़ाई से फ़ायदा नहीं होता और पुर्ज़ा बदलना पड़ता है।

क्या कंट्रोलर बटन टेस्ट मेरी कोई जानकारी सेव करता है?

नहीं। सारी रीडिंग आपके डिवाइस पर ब्राउज़र के अंदर बनती और दिखती है। कोई इनपुट डेटा सर्वर पर नहीं जाता, कोई लॉगिन नहीं चाहिए और पेज बंद करते ही सब मिट जाता है।

Sources

  1. W3C Gamepad Specification
  2. MDN Web Docs: Gamepad API
  3. MDN Web Docs: WebHID API
  4. PlayStation Support: DualSense controller on PC
  5. Xbox Support: Connect controller to PC
  6. Nintendo Support: Joy-Con troubleshooting